देहरादून के कैंट क्षेत्र में मोहन कुमार ने खुदकुशी नहीं की थी बल्कि उनकी हत्या हुई थी। सात साल के मासूम के इस खुलासे ने पुलिस को उलझन में डाल दिया है।
दरअसल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बच्चे के बयान मेल नहीं खा रहे हैं। क्योंकि बच्चे के मुताबिक पिता की पहले नस काटी गई फिर उन्हें फांसी पर लटकाया गया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी किसी चोट का जिक्र नहीं है। एसएसपी के आदेश पर सीओ सिटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पंडितवाड़ी के आईएमए के सर्वेंट क्वार्टर में 21 अक्तूबर को मोहन कुमार का शव फांसी से लटका मिला था। पारिवारिक कारणों के चलते उन्होंने खुदकुशी की। शुक्रवार को मोहन का भाई प्रवीण निवासी नागल सहारनपुर अपने भतीजे आर्यन (7) को लेकर एसएसपी डॉ. सदानंद दाते से मिला।
मीडिया के सामने सुनाई हत्या की कहानी
आर्यन का कहना था कि उसके पिता ने खुदकुशी नहीं की थी, मारपीट करने के साथ पिता की पहले नस काटी गई। बाद में उन्हें फंदे पर लटकाया गया। मासूम ने आरोपियों के नाम भी बताए। यह भी कहा कि पिता के कमरे से एक कागज भी मिला था, जो फाड़ दिया गया। मीडिया के सामने भी बच्चे ने पिता की हत्या की यह कहानी सुनाई।
बयान दर्ज कराने के बाद सीओ सिटी मनोज कत्याल को पूरे मामले की जांच सौंपी गई। सीओ ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नस काटने और चोट के निशान का कोई उल्लेख नहीं है। सीओ का कहना है कि जांच चल रही है। प्रथम दृष्टया संपत्ति विवाद भी सामने आया है।