समझौते का दबाव बना रहे
विपिन की मौत की सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी के साथ सैकड़ों कांग्रेसी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। कांग्रेसियों और परिवार के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। आरोप है कि लक्खीबाग चौकी प्रभारी बार-बार समझौते का दबाव बना रहे थे। आरोपियों के बजाय वह कई बार पीड़ितों को ही थाने बुला चुके थे। वहीं, प्रदर्शन के चलते कारगी-लालपुल मार्ग पर जाम लग गया। कुछ देर बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर चौकी प्रभारी प्रवीण सैनी को सस्पेंड कर दिया गया।
आरोपी को मिल गई न्यायालय से राहत
सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से आरोपी की पहचान विनीत अरोड़ा निवासी डालनवाला के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, डॉक्टरों के बयान के आधार पर मुकदमे में जानलेवा हमले की धारा भी जोड़ ली गई। पुलिस के अनुसार, विनीत की गिरफ्तारी का प्रयास किया गया, लेकिन उसे न्यायालय ने अंतरिम राहत दे दी। पुलिस से पांच दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी गई थी। इस बीच अब युवक की मौत हो गई।
निक्कू दाई का भतीजा है आरोपी विनीत
आरोपी विनीत अरोड़ा देहरादून के कुख्यात बदमाश रहे देवेंद्र अरोड़ा उर्फ निक्कू दाई का भतीजा है। निक्कू पर हत्या के कई मुकदमे दर्ज थे। वह एनकाउंटर में मारा गया था। अब विनीत अरोड़ा का परिवार साधारण जीवन जी रहा है। डिस्पेंसरी रोड के पास उनकी कपड़ों की दुकान है।
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विपिन की होनी थी शादी
विपिन ने वर्ष 2012 में श्रीमहंत इंदिरेश मेडिकल कॉलेज से ही लैब टेक्नीशियन का कोर्स किया था। बंजारावाला में रहकर एक प्राइवेट लैब में काम कर रहा था। इससे पहले कई अन्य अस्पतालों में भी काम कर चुका है। विपिन के पिता असम राइफल्स में नागालैंड में तैनात हैं। विपिन अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। छोटी बहन की शादी हो चुकी है जबकि छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। अब विपिन की शादी करने का विचार चल रहा था कि यह हादसा हो गया। परिवार की सारी खुशियां एक ही पल में दुख में तब्दील हो गईं।