भाई के जीवन की सलामती के लिए हमेशा ईश्वर से प्रार्थना करने वाली बहन ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उसी की चिता को मुखाग्नि देनी पड़ेगी। पर होनी को कौन टाल सकता है, वक्त ने ऐसा सितम किया कि बहन को उसी भाई को मुखाग्नि देनी पड़ी।
देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में पहली बार भाई की अर्थी के आगे चल रही बहन को देखकर सभी की आंखें नम हो गई।
बृहस्पतिवार को सहसपुर-होरावाला संपर्क मार्ग पर हुई दुर्घटना में अभिजीत (19) पुत्र जयदेव सिंह निवासी लोअर छरबा की मौत हो गई थी। अभिजीत परिवार का इकलौता पुत्र था। घर में उससे छोटी बहन थी। अभिजीत हिमाचली समाज से ताल्लुक रखता है। हिमाचली समाज में पिता के पुत्र को मुखाग्नि देने का रिवाज नहीं है।