श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 27 नवंबर को शाम 3 बजकर 35 मिनट पर बंद हो जाएंगे। 23 नवंबर से बदरीनाथ में पंचक पूजा शुरू होगी। इस दिन से धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
विजयदशमी पर्व पर बदरीनाथधाम परिसर में सुबह 11 बजे से शुरू हुई बैठक में धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने पंचांग से तिथि निकाली।
बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, रावल ईश्वरन नंबूदरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की उपाध्यक्ष मधु भट्ट और मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि 27 नवंबर को शीतकाल में छह माह तक के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो जाएंगे। बैठक के दौरान वर्ष 2015-16 के लिए बदरीनाथ में हकहकूकधारियों को उत्तरदायित्व भी सौंपा गया।
धाम के आसपास के मंदिरों के 23 से होंगे कपाट बंद
23 नवंबर- श्री बदरीशपुरी में गणेश मंदिर के कपाट बंद।
24 नवंबर- आदि केदारेश्वर के कपाट बंद।
25 नवंबर- पूजा-अर्चना के बाद पवित्र खांडा पुस्तक होगी बंद।
26 नवंबर- बदरीनाथ मंदिर में माता लक्ष्मी का आह्वान।
(बदरीनाथ के कपाट खुलने और बंद होने के साथ ही इनके कपाट भी बंद होते हैं और खुलते हैं।
तीन दिन तक कराई जाएगी यात्रा
बुजुर्गों के दल में शामिल मोल्ठी के बख्तावर सिंह, रैदुल के कीरत सिंह, रैदुल की प्यारी देवी, सोबती देवी ने कहा कि सरकार की इस योजना की जितनी सराहना की जाए, वह कम है। इस योजना के लागू होने से पहली बार उन्हें निशुल्क बदरीनाथ धाम जाने का मौका मिल रहा है।
बुजुर्गों के इस दल में शामिल हैं 20 लोग
बुआखाल के खेपन सिंह, के सुंदर के गबर सिंह, धरम सिंह रावत ने कहा कि योजना में अन्य जिलों की भांति पौड़ी जिले के बुजुर्गों के लिए तीन दिन की यात्रा कराई जानी चाहिए।
पर्यटन अधिकारी पीके गौतम ने बताया कि बुजुर्गों के इस दल में 20 लोग शामिल हैं। इनमें 9 महिलाएं है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पूजा-अर्चना के बाद दल पौड़ी लौट आएगा।
बदरीनाथ धाम में भी चला सफाई अभियान
स्वच्छता अभियान के तहत बदरीनाथ धाम में भी बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारी व कर्मचारियों और व्यापार संघ लंगासू के व्यापारियों ने सफाई अभियान चलाया।
बदरीनाथ बाजार से लेकर मंदिर परिसर तक सफाई
बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी और विपिन तिवारी ने मंदिर परिसर में सफाई की। लंगासू के व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाश खंडूरी के नेतृत्व में व्यापारियों और तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ बाजार से लेकर मंदिर परिसर तक सफाई की।
इसके साथ ही चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज के डीएफओ दिवाकर सिन्हा, वन दरोगा एसएन शर्मा सहित सभी वन कर्मियों ने बढ़-चढ़ कर इस अभियान में हिस्सा लिया।