अब ईडी की जांच में देहरादून कारगी रोड स्थित डीएनए लैब का नाम भी आया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि ईडी के पत्र के आधार पटेलनगर थाने को प्राथमिक जांच के निर्देश दिए गए थे। इस प्रयोगशाला के आईसीएमआर डेटा की जांच की तो पता चला कि आईसीएमआर पोर्टल पर की गई अधिकांश एंट्री नकली थी।
एक ही समय पर कई लोगों की जांच दर्शायी गई। इनके पते भी अलग थे। इस तरह लैब ने सरकार से कुल 84.57 लाख रुपये फर्जी तरीके से हासिल कर दिए। प्राथमिक जांच के बाद लैब संचालक दिव्य प्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी ने बताया कि मामले में जांच शुरू हो गई है जल्द ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह चला था पता
कुंभ मेले में आए कई लोगों ने सरकार से शिकायत की थी। श्रद्धालुओं के फोन में जब मैसेज आए तो उन्हें कोविड पॉजिटिव व निगेटिव होने का पता चला। जबकि, इनमें से ज्यादातर श्रद्धालुओं की जांच हुई ही नहीं थी। जांच में पता चला कि चेकपोस्ट पर उनके दस्तावेज तो ले लिए जाते थे, लेकिन जांच नहीं की जाती थी। इसके बा फर्जी रिपोर्ट बनाकर आईसीएमआर पोर्टल पर दर्ज कर दी जाती थी।