देहरादून में आयोजित दीक्षांत समारोह में भारतीय वन सेवा बैच 2011-13 में मोनाली सेन टॉपर रहीं। व्यावसायिक वानिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के दीक्षांत समारोह में 66 भारतीय और दो विदेशी वन अधिकारी पासआउट हुए।
शनिवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह में वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव, पर्यावरण वन मंत्रालय जूड शेखर ने कहा कि इस सदी का प्रमुख एजेंडा वन और पर्यावरण है। वनों को सुरक्षित रखने की जरूरत है।
वन अधिकारियों को ग्रामसभाओं, पंचायतों और संयुक्त वन समितियों के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। इससे वनों पर आए खतरों को टालने में आसानी होगी। वन अकादमी के निदेशक आरके गोयल ने कहा कि वर्तमान 2011-13 के बैच में 66 भारतीय वन सेवा अधिकारी पास आउट हुए हैं।
इनमें 14 महिला अधिकारी और भूटान के दो प्रशिक्षु शामिल हैं। बैच के 19 अधिकारियों ने 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वालों को एसोसिएट डिप्लोमा से सम्मानित किया गया।
दीक्षांत समारोह में मुख्य वन संरक्षक डा. आरबीएस रावत, महानिदेशक भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग एके बहल, विनोद ऋषि, पी केशवानी आदि रहे।
अन्य सम्मान
बेस्ट ऑलराउंड फॉरेस्टर का खिताब आदर्श कुमार को मिला, टॉपर इन कोर फॉरेस्ट्री सब्जेक्ट दीप जगदीप रहे। पी श्रीनिवास मेमोरियल प्राइज आनंद एस, संजय सिंह मेमोरियल प्राइज और आरएन माथुर प्राइज यशपाल किशिर सागर, हिल मेमोरियल प्राइज सबा आलम अंसारी, डीसी अग्रवाल प्राइज डी महेश कुमार, ईपी गी प्राइज दीप जगदीप, वीएस राव प्राइज फॉर बेस्ट फोरन ट्रेनी कुंबू डोरजी, नीलगिरि वाइल्ड लाइफ क्लब प्राइज अनुराग कुमार, डीएच कुलकर्णी गोल्ड मेमोरियल प्राइज सिवाला रामबाबू, केएम तिवारी मेमोरियल प्राइज देबाला लेफ्राकपाम, दि स्प्रिट आफ 1982 (कम्यूनिकेशन स्किल्स) प्राइज देवांशु शेखर को दिया गया।
वन संपदा को बचाना है
कोलकाता की रहने वाली भारतीय वन सेवा की टॉपर मोनाली सेन को हिमाचल प्रदेश कैडर मिला है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी ज्वाइन करने के पहले वह कोलकाता में अध्यापिका थीं।
जंगल से लगाव के चलते मोनाली ने बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी छोड़ दी। मोनाली कहती हैं कि वन संपदा और वनों में रहने वालों की सुरक्षा की सोच के साथ वन सेवा में आई। बताया कि बचपन में ही पिता का साया उठ गया था। मां ऊषा सेन ने हौसला दिया। मोनाली तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं।
जंगल है तो जीवन है
बेस्ट ऑलराउंड फॉरेस्टर का खिताब पाने वाले आदर्श कुमार यूपी के एटा जिले के रहने वाले हैं। उन्हें यूपी कैडर मिला है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी और बॉटनी में एमएससी किया है।
वह कहते हैं कि मानव समाज का सबसे अहम अंग जंगल हैं। जंगल सुरक्षित रहेंगे तो जीवन भी सुरक्षित है। जंगलों के अस्तित्व पर खतरा मंडराया तो समाज दिक्कत में पड़ जाएगा। यही भावना इस जॉब में ले आई।
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