प्रदेश में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण की शुरुआत की जाएगी। केंद्र से 14 या 15 जनवरी को वैक्सीन की डोज उत्तराखंड में पहुंचने की संभावना है। हवाई सेवा से वैक्सीन आएगी। वैक्सीन को दून और हल्द्वानी में कोल्ड चेन स्टोरेज में रखा जाएगा। जहां से वैन के माध्यम से वैक्सीन को केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। टीकाकरण के लिए 317 कोल्ड चेन प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा 483 आईस लाइंड रेफ्रिजरेटर, 547 डीप फ्रीजर, तीन वॉक इन कूलर, दो वॉक इन फ्रीजर की व्यवस्था की गई है।
को वैक्सीन की डोज मिलने की संभावना
केंद्र सरकार ने दो तरह की वैक्सीन को मंजूरी दी है। जिसमें भारत बायोटेक कंपनी की कोवैक्सीन और सिरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन शामिल है। इनमें से उत्तराखंड को कोवैक्सीन की डोज मिलने की संभावना है।
2118 एनएएम को बनाया वैक्सीनेटर
कोरोना टीकाकरण अभियान के दौरान 2118 एनएएम को वैक्सीनेटर का काम करेंगे। पहले चरण में चार सौ केंद्रों टीकाकरण किया जाएगा। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार टीकाकरण की निगरानी के लिए 402 पर्यवेक्षक तैनात किए गए। वहीं, 120 अतिरिक्त पर्यवेक्षक वैक्सीनेटर का कार्य करेंगे। अभियान की व्यापकता को देखते हुए प्रदेश भर में 6509 वैक्सीनेटर चिन्हित किए गए हैं।
एक केंद्र पर 100 हेल्थ वर्करों को लगेगा टीका
पहले चरण के टीकाकरण अभियान के चार सौ केंद्र बनाए गए। प्रत्येक केंद्र में पांच कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसमें एक वैक्सीनेटर, चार वैक्सीनेशन आफिसर होंगे। एक केंद्र में 100 लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा।