उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा, लेकिन लॉकडाउन के सारे नियमों का पालन करना होगा। यात्री को ठहराने वाले होटल, अतिथि गृह या धर्मशाला संचालक को उनका पूरा विवरण रखना होगा ताकि जरूरत पड़ने पर उनका पता चल सके।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अस्थि विसर्जन के लिए आने वालों की आड़ में अन्य यात्रियों को ठहराया गया तो ऐसे होटल और धर्मशाला संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।