मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में कुछ दिनों में कोरोना संक्रमित मामले बढ़े हैं। लेकिन, राज्य में कोरोना की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। सरकार का संक्रमण की रोकथाम के लिए सर्विलांस, टेस्टिंग, सैंपलिंग पर फोकस है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर सर्विलांस किया जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि किसी में कोरोना के लक्षण तो नहीं है।
विशेष रूप से बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की जानकारी रखी जा रही है। उत्तरकाशी जिले में चार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली और टिहरी में तीन-तीन, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर में दो-दो और पिथौरागढ़, देहरादून व हरिद्वार जिले में एक-एक राउंड का सर्विलांस किया जा चुका है।
प्रदेश में औसतन प्रतिदिन 2487 सैंपलों की जांच
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को सैंपलिंग और टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में टेस्टिंग सुविधा बढ़ने के साथ सैंपलिंग में लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में प्रतिदिन 2487 सैंपलों की जांच हो रही है। जबकि पिछले सप्ताह जांच का औसत 1660 सैंपल थी। चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, रुद्रप्रयाग जिले में सैंपलिंग राष्ट्रीय औसत से अधिक है। जिलाधिकारियों को निजी लैब से भी कोविड सैंपल जांच कराने को कहा गया है।