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बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपाणी में 200 मीटर हिस्से में दरक रही चट्टान, 42 घंटे बाद खुला रास्ता

Sun, 19 Jul 2020 07:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली
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- फोटो : अमर उजाला
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बदरीनाथ हाईवे भनेरपाणी में रविवार को शाम 5.10 बजे यानी करीब 42 घंटे बाद सुचारु हो गया है। हाईवे खुलने पर पुलिस प्रशासन की ओर से हाईवे के दोनों ओर फंसे श्रद्धालुओं और आम लोगों व वाहनों को सुरक्षित उनके गंतव्य को रवाना कर दिया है। हालांकि अभी भी भूस्खलन क्षेत्र में परेशानी बनी हुई है। शुक्रवार को रात 11 बजे भारी बारिश के दौरान हाईवे अवरुद्ध हो गया था, जिसे 42 घंटे बाद रविवार को शाम को खोला गया। 

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बता दें कि बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ के बाद अब भनेरपाणी नया भूस्खलन जोन बन गया है। यहां करीब दो सौ मीटर के हिस्से में चट्टान दरक रही है। पहाड़ी से रह-रहकर बोल्डर और मलबा हाईवे पर गिर रहा है। शनिवार को बोल्डर की चपेट में आकर एनएच की जेसीबी का एक ऑपरेटर घायल हो गया। इस वजह से ऑपरेटर यहां काम से कतरा रहे हैं। लोगों को दो किमी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।


दो दिन से हाईवे बंद होने की वजह से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बहुत मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। इनमें जोशीमठ क्षेत्र को जाने वाले और लौटने वाले लोगों सहित सेना के जवान शामिल हैं। वे अपनी जान को जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से चट्टान के दोनों ओर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती की गई है। ये लोगों को सहारा देकर आवाजाही में मदद कर रहे हैं। बीती 17 जुलाई को रात करीब 11 बजे चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से हाईवे बंद हो गया था। यह रविवार को भी सुचारू नहीं हो सका। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है।
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जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित
भनेरपाणी में हाईवे अवरुद्ध होने से जोशीमठ क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। यहां बैंकों में धनराशि की भी कमी बनी हुई है, जबकि चीन सीमा क्षेत्र में सेना के पेट्रो पदार्थ की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। वाहन से जोशीमठ के बैंकों के लिए ले जाया जा रहा कैश भी पीपलकोटी में ही सुरक्षित किया गया है।

लोगों को पेश आ रहीं मुश्किलें


जोशीमठ से आ रहे बैंक कर्मचारी दीपक ने बताया कि उन्हें आवश्यक कार्य से कार्यालय जाना था। शनिवार दिनभर हाईवे खुलने का इंतजार किया, लेकिन रविवार को पैदल ही सफर तय कर गोपेश्वर पहुंच सके। वहीं, जोशीमठ के एक व्यक्ति का गोपेश्वर अस्पताल में निधन हो गया। हाईवे बंद होने से परिजन भनेरपाणी से पैदल चलकर गोपेश्वर पहुंचे। शव का पैतृक घाट जोशीमठ के बजाय चमोली में दाह संस्कार किया गया। 

बदरीनाथ के दर्शन किए बगैर ही लौट रहे लोग 
भगवान बदरीनाथ के दर्शनों को जा रहे अधिकांश श्रद्धालु बदरीनाथ हाईवे के दो दिन से अवरुद्ध होने से बिना दर्शनों के ही आधे रास्ते से लौट रहे हैं। भनेरपाणी में पानी की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालु दो किमी दूर पीपलकोटी जा रहे हैं। रविवार को रुद्रपुर के आठ श्रद्धालुओं का दल पीपलकोटी से ही लौट गया। 

बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपाणी में बिना बारिश के पत्थर गिर रहे हैं। चमियाला के श्रद्धालु महावीर सिंह, कमलेश्वर पेंन्यूली और अरविंद सिंह का कहना है कि हाईवे बंद होने से उन्हें पर लौटना पड़ रहा है। देहरादून के मोहित अग्रवाल और ऋषिकेश के अरुण तिवारी का कहना है कि श्रद्धालुओं को कहीं भी हाईवे बंद होने की सूचना नहीं दी जा रही है, जिससे वे सीधे भूस्खलन वाले क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।

पुलिस प्रशासन की ओर से हाईवे बंद होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को नगर क्षेत्रों में ही रुकवा देना चाहिए, जिससे खाने-पीने की समस्या न हो। डीएम स्वाति भदौरिया का कहना है कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही पुलिस के जवान लोगों की मदद के लिए मौजूद हैं। जल्द ही हाईवे को सुचारु कर लिया जाएगा। 
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अच्छे मानसून के बावजूद 12 फीसदी कम हुई बारिश

प्रदेश में मानसून सीजन में अब तक 12 फीसदी कम बारिश हुई है। विशेषकर उत्तरकाशी जिले में अब तक करीब 40 फीसदी ही बारिश हुई है। वहीं, चार अन्य ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से कुछ ज्यादा बारिश हुई है।

मौसम विभाग ने इस साल उत्तराखंड में मानसून समान्य या सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद जताई है, लेकिन अब तक की जो तस्वीर है, वह इससे थोड़ा उलट है। एक जून से शुरू हुए मॉनसून सीजन के दौरान उतरकाशी में अब तक 41, रुद्रप्रयाग में 82, नैनीताल में 72, हरिद्वार में 87, टिहरी में 90, पौड़ी में 64, देहरादून में 75, चंपावत में 62 और अल्मोड़ा में 98 बारिश हुई है। बागेश्वर में 129, चमोली में 17, पिथौरागढ़ में 11 और उधम सिंह नगर में 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अभी नियमित तौर पर  बारिश का क्रम बना हुआ है। इससे आने वाले समय में मानसून की बारिश अपने सामान्य लेवल या उससे अधिक पर पहुंच सकती है।
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