विभागीय जांच में पाया गया कि फर्म ने लगभग एक लाख सैंपलों की जांच की है। जिसमें पॉजिटिव दर कम और निगेटिव की ज्यादा है। एक ही सैंपल आईडी और मोबाइल नंबर से कई लोगों को जांच रिपोर्ट जारी की गई। साथ ही 90 प्रतिशत सैंपल कलेक्शन की एंट्री राजस्थान की है। जबकि हर व्यक्ति के सैंपल की आईडी अलग होती है। सैंपल जांच रिपोर्ट में दर्ज पते भी संदेह है। एक ही जगह से मकान नंबर क्रमवार लिखे गए हैं।
हरिद्वार में जो शिकायत मिली थी, उसके आधार पर राज्य कोविड कंट्रोल रूम ने प्राथमिक जांच की है। इसमें कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिनके आधार पर शासन ने डीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम से अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है। कुंभ में नौ फर्मों को एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच के लिए अधिकृत किया गय था। यह गड़बड़ी रैपिड एंटीजन टेस्टिंग में आई है। इसके अलावा, एक शिकायत ऊधमसिंह नगर में भी मिली थी, उसकी भी जांच चल रही है।
- डॉ. तृप्ति बहुगुणा, स्वास्थ्य महानिदेशक
अभी टिप्पणी करना ठीक नहीं है, इसकी जांच की जा रही है। अगर कुछ गलत हुआ है तो जांच में खुलासा होगा।
- डॉ. एसके झा, सीएमओ, हरिद्वार
गलत डाटा दर्ज होने का संज्ञान लिया गया है। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्य सामने आएंगे और गलत डाटा डाला गया होगा तो कार्रवाई होगी।
- अरुण सिंह सेंगर, स्वास्थ्य अधिकारी, हरिद्वार
हरिद्वार कुंभ के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का समाचार मिला है। विभागीय जांच में भी यह फर्जीवाड़ा सामने आया है। इससे पहले भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा रुद्रपुर में किया गया था। इस तरह के फर्जीवाड़े उत्तराखंड का स्वभाव नहीं है। ये कौन लोग हैं, जो हमारे राज्य को कलंकित कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करूंगा कि वे इस मामले में तत्परता से कठोर कार्रवाई प्रारंभ करें।
- हरीश रावत, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री
जब कुंभ प्रारंभ हुआ, राज्य सरकार ने ही इन एजेंसियों को कोविड जांच का दायित्व सौंपा था। अब ये सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है कि वह इन एजेंसियों पर नजर भी रखती, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। अब रिजल्ट सबके सामने है। पूरे कोरोनाकाल में जितने भी लोगों की मृत्यु हुई है, उसके लिए सरकार जिम्मेदार है। अभी जो फर्जीवाड़ा सामने आया है। कांग्रेस उसकी सीबीआई जांच की मांग करती है।
- प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
मैंने रिपोर्ट नहीं पढ़ी लेकिन यदि ऐसा कोई मामला है तो इसका संज्ञान लेते उचित जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
मैंने स्वयं ऐसे मामले पकड़े हैं। देहरादून में भी ऐसा एक प्रकरण सामने आया था। इसलिए स्वास्थ्य महानिदेशक के स्तर से सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी हो गए हैं कि वे जितनी भी आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए मान्य की गई लैब हैं, उनकी जांच कराएं।
- सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री एवं शासकीय प्रवक्ता