कोरोना संक्रमण के कारण राज्य में चुनौतीपूर्ण होते हालातों के बीच मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों से सहयोग मांगा है। उनके अनुरोध पर ई कॉमर्स शॉपिंग वेबसाइट पेटीएम उत्तराखंड में जल्द 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर देगी।
बुधवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से महिंद्रा ग्रुप के सीईओ आनंद महिंद्रा और पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर उनसे सहयोग मांगा। वर्चुअल चर्चा में महिंद्रा ग्रुप के सभी प्रमुख वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से भिन्न और कठिन हैं।
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राज्य की अर्थव्यवस्था पर्यटन और तीर्थांटन पर आश्रित है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण आर्थिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के संसाधन जुटाने में दोनों समूहों से सहयोग की मांग की। उन्होंने महिंद्रा समूह से 1000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 1000 ऑक्सीजन सिलिंडर, 10 ऑक्सीजन जनरेटर (छोटा प्लांट) और एक एमआरआई मशीन का सहयोग मांगा।
इसके अलावा कुछ मेडिकल उपकरण की भी मांग की। समूह के सीईओ आनंद महिंद्रा ने कहा कि कंपनी की कई इकाइयां उत्तराखंड में हैं। राज्य में समूह पांच रिजॉर्ट्स भी चला रहा है, उनका उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने राज्य को पूरी मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए जो भी लॉजिस्टिक सपोर्ट राज्य को चाहिए, समूह उसे देने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा से भी 100 बेड के अस्पताल के लिए एक ऑक्सीजन प्लांट, 500 ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग रखी। शर्मा ने मुख्यमंत्री को आश्वास्त किया कि कुछ ही दिनों में राज्य को 100 आक्सीजन कंसंट्रेटर दे दिए जाएंगे। तय हुआ कि इस मामले में अपर सचिव डॉ.नीरज खैरवाल कार्डिनेट करेंगे।
नोडल अधिकारी ने दिए निर्देश निर्बाध चलें ऑक्सीजन टैंकर
प्रदेश में अब केंद्रीय स्तर से लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। लिहाजा, शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वह जिला स्तर से इसकी डिमांड न भेजें। इसके अलावा प्रदेश में कहीं भी ऑक्सीजन के वाहनों को बिल्कुल भी नहीं रोका जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए। इसमें उन्होंने कहा कि कोविड के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रदेश में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड में भारी बढ़ोतरी हुई है।
इसके लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र से वार्ता कर प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की डिमांड के हिसाब से अलॉटमेंट कोटा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लिहाजा, जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वह जिला स्तर से लिक्विड ऑक्सीजन की डिमांड न भेजें। इसके साथ ही ऑक्सीजन के टैंकरों का आवागमन निर्बाध होना चाहिए। अगर किसी भी जिले में ऑक्सीजन सप्लाई या टैंकरों की कमी है तो वह तत्काल सीधे नोडल अधिकारी से संपर्क स्थापित करे।