बता दें कि जिस कार्यक्रम में यह संक्रमित युवक शामिल हुआ था वहां कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और कुछ संत भी गए थे। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि क्या उन्हें भी क्वारंटीन किया जाएगा। हालांकि डीएम का कहना है कि मामले की जांच की गई है। कैबिनेट मंत्री संक्रमित युवक के सीधे संपर्क में नहीं आए थे। इसलिए उन्हें क्वारंटीन करने की जरूरत नहीं है।
हालांकि, कार्यक्रम में युवक के सीधे संपर्क में आए अन्य लोगों को चिह्नित कर क्वारंटीन किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री कौशिक का कहना था कि वह कार्यक्रम में गए जरूर थे, लेकिन अपने हाथ से राशन नहीं बांटा। केवल कार्यकर्ताओं की हौसलाफजाई कर लौट आए थे।