कोरोना काल में आयुष विभाग ने दो लाख से अधिक काढ़ा सुरक्षित किट बांटी हैं। यह जानकारी आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने साझा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग को निर्देश दिए कि लोगों को योग, प्राणायाम और डाइट चार्ज को लेकर जागरूक किया जाए। इसके लिए विभाग कार्यक्रम आयोजित किए।
उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान आयुष और होम्योपैथी की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में आयुष विभाग का अपना भवन नहीं है, जिलाधिकारियों के माध्यम से लंबे समय से खाली सरकारी भवनों या स्कूलों में व्यवस्था की जाए। चरक डांडा में अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान के लिए जल्द डीपीआर बनाई जाए।
25 आईटीआई हो रही हैं अपग्रेड
सेवायोजन एवं कौशल विकास की समीक्षा में जानकारी दी कि प्रदेश में 25 आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन सभी आईटीआई में प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था के साथ ही प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों के प्रतिभा प्रदर्शन एवं प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन एवं मार्केटिंग की व्यवस्था भी करने को कहा। उन्होंने कहा कि समय एवं परिस्थितियों के साथ आईटीआई के स्वरूप में बदलाव लाना होगा।
श्रम सुधारों से दी गई राहत
श्रम विभाग की समीक्षा में श्रम मंत्री ने पिछले तीन सालों के दौरान श्रम सुधारों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड दुकान और स्थापन अधिनियम में 10 से कम कर्मचारी होने पर पंजीकरण की आवश्यकता नहीं रह गई है। पंजीयन एक बार होगा। नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। कारखाना अधिनियम 1948 में महिला कर्मकारों को भी कारखानों में तीनों पालियों में कार्य करने की छूट दी गई है। कारखानों के लाइसेंस का नवीनीकरण 10 वर्ष तक करने की व्यवस्था की गई है।