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उत्तराखंड : महिला को आई चोट, कोरोना के डर से दून अस्पताल के स्टाफ ने नहीं लगाया हाथ, तस्वीरें

Thu, 15 Apr 2021 08:54 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

एंबुलेंस से दून अस्पताल आई महिला को अस्पताल के स्टाफ ने एंबुलेंस से उतरते हुए पकड़ा नहीं तो वह नीचे गिर गई। जिसके चलते महिला के सिर पर हल्की चोट भी लग गई।
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दून अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
एक ओर कोरोना संक्रमण काल में डॉक्टर भगवान का रूप बने हैं। कोरोना मरीजों की देखभाल में दिन-रात लगे हैं। वहीं देहरादून जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल में इसका दूसरा पहलू भी दिखा। अस्पताल के स्टाफ ने मानवता को तार-तार कर दिया।

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एंबुलेंस से दून अस्पताल आई महिला को अस्पताल के स्टाफ ने एंबुलेंस से उतरते हुए पकड़ा नहीं तो वह नीचे गिर गई। जिसके चलते महिला के सिर पर हल्की चोट भी लग गई। हालांकि परिजनों के गुहार लगाने के बाद चिकित्सकों की टीम ने इमरजेंसी में महिला का उपचार किया। आंख का इलाज कराने दून अस्पताल आए बुजुर्ग का इलाज न होने से वह दिन भर परेशान रहा।


इतना ही नहीं रहने का ठिकाना न होने के चलते भी उसकी परेशानी दोगुनी हो गई। सुबह करीब 11 बजकर 20 मिनट में परिवार संग उत्तरकाशी से आए दीपलाल ने बताया कि वह आंख का इलाज कराने दून अस्पताल आए थे। लेकिन मंगलवार को जल्दी छुट्टी होने के चलते उनका इलाज नहीं हो पाया। दीपलाल अपनी पत्नी कालीदेवी और दो बच्चों के साथ अस्पताल आए थे। 
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दून अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
टीका उत्सव के तीसरे दिन दून अस्पताल में कोरोना वैक्सीन लगाने आए लोगों के मायूसी हाथ लगी। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे तक ऑनलाइन सर्वर न चलने से लोगों को बिना टीका लगवाए ही लौटना पड़ा। 10 बजे के बाद सर्वर चला तो टीकाकरण शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक करीब 80 लोगों के टीका लग सका। जबकि बीते सोमवार को दोपहर दो बजे तक करीब 150 लोगों के टीका लग चुका था। 
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दून अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
दून अस्पताल की नई बिल्डिंग में वैक्सीन लगवाने के लिए लोग सुबह ही पहुंच गए थे। सुबह जब कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए उससे पहले होने वाले पंजीकरण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को आरंभ किया तो साइट ही नहीं चली। इस कारण लोग वहां अपनी बारी के लिए इंतजार में खड़े हो गए, लेकिन देर तक भी सर्वर न चलने से कुछ लोग खाली हाथ ही वापस लौट गए।

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दून अस्पताल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बीते सोमवार को कोरोना संक्रमित होने के बाद दून अस्पताल के ऑर्थो वार्ड में भर्ती हुए गढ़ी कैंट निवासी कविश शर्मा और उनकी मां विमला शर्मा को पूरी रात अस्पताल में कंबल न मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
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दून अस्पताल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कविश ने बताया कि कई बार अस्पताल के स्टाफ से कंबल मांगने के बाद भी उन्हें कंबल नहीं मिला और पूरी रात दोनों को ठंड में गुजारनी पड़ी। जिसके बाद कविश ने अपना और अपनी मां को इंद्रेश अस्पताल में शिफ्ट करा दिया।
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