डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि अस्पताल में एक रैबार विभाग भी बनाया गया है। इसका काउंटर अस्पताल के बाहर है। इसमें एक डिस्पले स्क्रीन भी लगाई गई है। काउंटर में संपर्क कर तीमारदार अपने मरीज के स्वास्थ्य की रियल टाइम जानकारी ले सकता है।
उन्होंने बताया कि एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की रैबार टीम भी तीमारदारों को उनके मरीज के स्वास्थ्य की दैनिक जानकारी उपलब्ध कराएगी। डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कई बार मरीज के तीमारदार पर मानसिक दबाव बढ़ जाता है। कुछ तीमारदारों के घर एक से ज्यादा लोग भी संक्रमित होते हैं।
इससे उनका मनोबल पूरी तरह से टूट जाता है। ऐसे तीमारदारों की मनोविज्ञान विभाग की टीम के माध्यम से काउंसिलिंग कराई जाएगी।
अस्थाई अस्प्ताल में वेंटिलेटर बेड का संचालन मुश्किल
डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में ही 100 वेंटिलेंट बेड का संचालन किया जाएगा। अस्थाई अस्पताल के गंभीर मरीज एम्स में ही भर्ती कराए जाएंगे। डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि असल में अस्थाई अस्पताल में वेटिलेंटर बेड का संचालन बहुत मुश्किल होता है। वेंटिलेंटर तो खरीदना आसान है। लेकिन वेंटिलेटर बेड के संचालन के लिए प्रशिक्षित स्टाफ जुटाना मुश्किल होता है। जबकि पहले से तैयार सेटअप में तो आप संसाधन बढ़ा सकते हैं।