आईसीएमआर के प्रोटोकाल में मरीजों को पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक, विटामिन सी, एंटी वायरल और मलेरिया में इस्तेमाल होने वाली जैसी दवाएं दी जा रही हैं। इन दवाओं की अचानक मांग बढ़ने पर बाजार में कालाबाजारी होने लगी है।
बाजार की खपत पूरी करने के लिए देशभर की फार्मा कंपनियों को इनके उत्पादन की अनुुमति दी गई है। औषधि निरीक्षक अनिता भारती के मुताबिक हरिद्वार सिडकुल में 50 फार्मा कंपनियां हैं और एक्मस सबसे बड़ी कंपनी है।
राजस्थान और गुजरात से आएगा कच्चा माल
एक्मस कंपनी के एमडी संदीप जैन के मुताबिक आपदा की घड़ी में कंपनी बाजार की हर डिमांड पूरी करने को तैयार है। फेबिफ्लू और आईवरमेक्टिन टैबलेट की देशभर में आपूर्ति हो रही है। डीजीएम डीके शर्मा के मुताबिक कंपनी रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन करने जा रही है। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से अनुमति मिल गई है।
संयुक्त टीम कंपनी का निरीक्षण कर चुकी है। जल्द ही उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। रेमडेसिविर बनाने वाली एमक्स देश की पांचवी कंपनी बन जाएगी। डीजीएम डीके शर्मा के मुुताबिक इंजेक्शन उत्पादन के लिए राजस्थान और गुजरात से कच्चा माल आएगा।
ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन करने में सक्षम
कंपनी के जीएम राजकुमार के मुताबिक ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन के लिए कंपनी संभावना तलाश रही है। कंपनी ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन करने में सक्षम है। इसके लिए कागजी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। औषधि निरीक्षक अनिता भारती ने बताया कि एक्मस के पास तकनीक, उत्पादन क्षमता और मैन पावर है। हरिद्वार में ब्लैक फंगस और रेमडेसिविर इंजेक्शन उत्पादन होने से प्रदेश ही नहीं देश में काफी राहत मिल जाएगी।