कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए अब जांच का दायरा बढ़ेगा। इसके लिए सरकार की ओर से आरसीएमआर से प्रमाणित निजी पैथोलॉजी लैब से सैंपल जांच कराई जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में रोजाना औसतन दस हजार जांच की जा रही है।
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प्रदेश सरकार का कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सैंपलिंग बढ़ाने पर विशेष जोर है। जिससे प्रदेश में कोविड जांच बढ़ी है। इससे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सरकार की ओर से कोविड जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
बाहरी राज्यों से बिना कोविड जांच के आने वाले लोगों का सीमाओं पर टेस्ट किए जाएंगे। इसके लिए सीमाओं पर ही सैंपल जांच के लिए टीम तैनात की जाएगी। केंद्र ने भी बिना डॉक्टर की सलाह के सैंपल जांच कराने की छूट दी है। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसे टेस्ट करना है तो वह डॉक्टर के परामर्श बिना भी सैंपल जांच करा सकता है।
प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि प्रदेश में कोविड जांच की सुविधा और बढ़ाई जाएगी। आईसीएमआर से प्रमाणित निजी पैथोलॉजी लैब से सैंपल जांच कराई जाएगी।
इसके अलावा सरकारी कोविड लैब की क्षमता बढ़ाने के लिए नई मशीनें लगाई जा रही है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को कोविड टेस्ट कराना जरूरी है। जो लोग बिना टेस्ट के आ रहे हैं, उनके सीमा पर ही टेस्ट कराए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश की सभी सीमाओं पर सैंपल जांच के लिए टीम तैनात की जाएगी।