कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विदेश से लौटे यात्री के कोरोना पाजिटिव आने पर उसे अलग से आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। वहीं, उसके सपंर्क में आने वालों को संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा।
शनिवार को प्रभारी सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडेय की ओर से कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की रोकथाम के लिए जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए। आदेश के अनुसार ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्वरूप फैलने की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पुष्टि की है। कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर केंद्र के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद प्रदेश सरकार ने भी कोरोना वायरस के नए संक्रमण की रोकथाम के लिए कदम उठाए हैं।
विदेश से लौटने वाले सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से ट्रेसिंग की जाएगी। उनसे संपर्क कर 28 दिनों तक उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। उनकी ट्रेसिंग के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा और अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर जांच की जाएगी।
सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार विदेश से आने वाले यात्री का सैंपल अलग से जांच के लिए भेजा जाएगा। इनके सैंपल की जांच दून मेडिकल कॉलेज और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में की जाएगी। जांच में पॉजिटिव आने वाले यात्री के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा।
गंभीर लक्षण वाले यात्रियों को दून व हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। संक्रमित यात्री के संपर्क में आने लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। वहीं, विदेश से आने वाले यात्रियों की सेल्फ रिपोर्टिँग के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा।
हरिद्वार जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने कहा कि कोविड के नए स्ट्रेन के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तमाम एहतियाती कदम उठा रहा है। कुंभ में अब दो हजार आइसोलेशन बेड बढ़ाए जाएंगे। इसके बाद आइसोलेशन बेड की कुल संख्या चार हजार हो जाएगी।
मेला सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने कहा कि कोविड-19 वायरस संक्रमण का एक नया स्ट्रेन सामने आया है, जिसकी अभी स्वास्थ्य विभाग के स्तर से निगरानी की जा रही है। यूरोपीय देशों से लौटने वाले प्रवासियों का डाटा एकत्र करने के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कोरोना वैक्सीन का डाटा बेस भी तैयार कर लिया गया है।
वैक्सीनेशन के लिए कितने स्थान की आवश्यकता होगी, ये भी तय कर लिया गया है। ब्लॉक स्तर तक टास्क फोर्स तैयार किया गया है। जिले में 24 स्टोरेज प्वाइंट हैं। पिछले सोमवती अमावस्या के दौरान शारीरिक दूरी बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था। इसलिए सामान्य दिनों की अपेक्षा पांच गुना अधिक पुलिस बल तैनात किया गया था।
नए साल के आयोजनों में भी कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसमें बंद स्थानों पर 100 लोगों और खुले स्थानों पर शारीरिक दूरी के साथ जश्न मनाने की छूट होगी। शारीरिक दूरी और मास्क की अनिवार्यता जैसे नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले ने कोरोना से पहला डॉक्टर खोया है। जिला अस्पताल पौड़ी में सेवारत वरिष्ठ सर्जन डॉ. मौर्य की एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान शुक्रवार रात मौत हो गई।
8 दिसंबर से डॉ. मौर्य का उपचार चल रहा था। मौर्य ने पौड़ी, चमोली, नैनीताल व हरिद्वार जिले में सेवा दी है। वे अपने पीछे पत्नी, एक बेटी व बेटा छोड़ गए हैं।
उनके निधन पर सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा, सीएमएस डॉ. आरएस राणा, एसीएमओ डॉ. रमेश कुंवर, चिकित्सा सेवा संघ के प्रांतीय सलाहकार डॉ. आरवी सिंह ने गहरा शोक जताया।
उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष और पत्नी को कोरोना
उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष सुरेश परिहार और उनकी पत्नी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। परिहार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर स्वयं के कोरोना पॉजिटिव आने की सूचना दी है।
उन्होंने बताया कि दो दिन से स्वास्थ्य खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। कोविड पॉजिटिव आने के कारण कुछ दिन भर्ती रहूंगा। स्वास्थ्य ठीक है। परिहार ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनकी और उनकी पत्नी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं।