इस पर एसटीएफ ने जब उसकी कार के आगे अपनी गाड़ी लगाई तो कुलदीप ने गोली चला दी। इस पर एसटीएफ की टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में एक गोली कुलदीप सिंह को भी लग गई, लेकिन उसके साथी कार को वहां से निकालने में कामयाब हो गए।
एसटीएफ ने कार का पीछा किया तो वे अंधेरे का फायदा उठाकर गन्ने के खेतों में भाग गए। देहरादून में एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इस बात की सूचना बिजनौर पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद वहां पर उच्च अधिकारी व थाना पुलिस भी पहुंच गई। फिलहाल वहां पर अभी कांबिंग जारी है।
कुलदीप सिंह उर्फ केडी ऊधमसिंहनगर का बड़ा बदमाश माना जाता है। गत जुलाई में उसने वहां के एक जिला पंचायत सदस्य को मारने के लिए पंजाब से शूटर बुलाए थे। पुलिस ने घटना से पहले ही पंजाब के इन शूटरों समेत हत्या की साजिश में कुल सात बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन कुलदीप सिंह पुलिस के हाथ नहीं लग सका था।
जुलाई में ही बढ़ाया था इनाम
कुलदीप सिंह पहले पांच हजार रुपये का इनामी था। जिला पंचायत सदस्य की हत्या की साजिश में नाम आने के बाद उस पर इनाम की राशि बढ़ा दी गई थी। उस पर कुल इनाम 20 हजार रुपये कर दिया गया था। प्रदेश में इस वक्त कुल 13 बदमाशों पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
एसटीएफ को मिला है 50 बदमाशों का टार्गेट
बीते दिनों डीजीपी अशोक कुमार के चार्ज संभालते ही उन्होंने इनामी बदमाशों को पकड़ने के लिए दो माह का अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी पर सभी जगहों की पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ भी इनामी बदमाशों की धरपकड़ में जुटी है। बीते दिनों एसटीएफ को 50 बदमाश प्रति वर्ष पकड़ने का लक्ष्य मिला था। अभी तक यह औसत केवल 10 से 12 के आसपास ही रहता था।
उत्तराखंड एसटीएफ कुलदीप सिह उर्फ केडी को पकड़ने के लिए बिजनौर के चांदपुर पहुंची थी। यहां उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में कुलदीप सिंह को भी गोली लगी है। वह अंधेरे का फायदा उठाकर गन्ने के खेतों में जा छिपा है। बिजनौर पुलिस के साथ मिलकर क्षेत्र में कांबिंग की जा रही है।
-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ