बंजारावाला निवासी पदमेंद्र रावत स्लॉट मिलने के बाद टीका लगवाने पहुंचे। करीब दो बजे टीकाकरण केंद्र पर पहुंचे तो मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि 10 लोग एकत्र होने तक इंतजार करना पड़ेगा। उस समय केंद्र पर कोई अन्य मौजूद नहीं था। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद 10 लोग जुटे, तब टीकाकरण शुरू हुआ।
नेहरू कॉलोनी निवासी आशीष प्रसून टीकाकरण केंद्र पहुंचे तो वहां अन्य कोई मौजूद नहीं था। कर्मचारियों ने उनसे कहा कि आप नौ लोग और ले आओ तो आपको तुरंत टीका लग जाएगा। नहीं तो 10 लोग इकट्ठा होने के बाद टीकाकरण शुरू होगा। हैरान आशीष काफी देर तक इंतजार करते रहे, जिसके बाद उन्हें टीका लगा।
टीका लगाने के लिए पहुंच रहे लोगों को ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों से इस तरह की बातें सुननी पड़ रही हैं। कर्मचारी वैक्सीन की वायल तभी खोल रहे हैं, जब 10 लोग एकत्र हो रहे हैं। टीके की बर्बादी रोकने के लिए केंद्रों पर यह व्यवस्था बनाई गई है।
टीके की एक वायल में 10 डोज होती हैं। वायल खुलने के बाद जितनी डोज बचती है, वो आमतौर पर खराब हो जाती है। इसके कारण टीके की काफी बर्बादी हो रही थी। बाद में जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने 10 लोगों के एकत्र होने के बाद ही वायल खोलने के निर्देश दिए थे।
इसके कारण टीका लगाने पहुंच रहे कई लोगों को परेशान भी होना पड़ रहा है। विशेषकर उन लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है, जो दोपहर बाद टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। उस समय तक ज्यादातर केंद्रों में भीड़ छंट जाती है। ऐसे में जो लोग टीका लगवाने पहुंच रहे हैं, उन्हें इंतजार करना पड़ता है।