प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में अचानक कमी आई है। यह सरकार व स्वास्थ्य विभाग को थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश में सैंपल जांच में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस कारण प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना मरीजों की संख्या कम हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 15 से 19 सितंबर तक 64322 लोगों की जांच की गई। जबकि 20 से 24 सितंबर तक 53486 सैंपलों की जांच हुई है। पहले पांच दिनों की तुलना में 10836 सैंपलों की जांच कम हुई है। सरकारी और निजी पैथोलॉजी लैब में जांच घटी है। सरकारी में 18 प्रतिशत और निजी लैब में 16 प्रतिशत सैंपल जांच में गिरावट आई है।
हालांकि चंपावत, अल्मोड़ा और हरिद्वार जिले में पहले पांच दिनों की तुलना में जांच बढ़ी है। देहरादून जिले में सैंपल जांच बराबर रही है। टिहरी में 23 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 31 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर में 35 प्रतिशत, बागेश्वर में 36 प्रतिशत, पौड़ी में 43, उत्तरकाशी व चमोली में 44 प्रतिशत, नैनीताल में 47 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 56 प्रतिशत सैंपल जांच में कमी आई है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे विशेषज्ञ अनूप नौटियाल का कहना है कि बीत पांच दिनों से प्रदेश में प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या एक हजार से कम है। इसकी वजह यह है कि सैंपल जांच में 17 प्रतिशत की कमी आई है। जांच कम होने से संक्रमण नहीं रुकेगा। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को प्रतिदिन 15 हजार सैंपल जांच करने पर फोकस करना चाहिए।