किसान सभा ने टिहरी जिले में केंद्र सरकार के ओर से पास करवाए गए तीन कृषि सुधार बिलों के विरोध में धरना दिया। उन्होंने बिलों को किसान विरोधी बताते हुए कृषि क्षेत्र को माफियों के हवाले करने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को किसान सभा ने बौराड़ी और भिलंगना के बूढ़ाकेदार में कृषि सुधार बिलों के विरोध में धरना देते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि कोरोना संक्रमण से किसान, मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है। लेकिन सरकार ने इन वर्गो को राहत देने के वजाए कृषि सुधार के नाम उनका नुकसान पहुंचा रही है।
कहा कि इन तीनों बिलों से कृषि क्षेत्र मुनाफा खोरों के हवाले हो जाएगा। सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं रहेगा। बिलों से जमाखोरी बढ़ेगी। जिसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होगा।
किसान आंदोलन को लेकर देहरादून और हरिद्वार में पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आईजी अभिनव कुमार ने हर हरकत पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। अराजकता करने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
दरअसल, कृषि अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने भारत बंद का आह्वान किया गया है। उत्तराखंड में भी इसको लेकर सरगर्मी बढ़ गयी है। उतराखंड के भी किसान और तमाम संगठन इसमें जुड़े हैं। इसका असर देहरादून और हरिद्वार में ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस मामले में आईजी गढ़वाल अभिनव कुमार ने बताया कि दोनों जनपदों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है।
पुलिस फ़ोर्स को व्यवहार ठीक रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, यदि कोई अराजकता करने का प्रयास करेगा तो उसके साथ पुलिस सख्ती से पेश आएगी। बताया जा रहा है कि किसानों का रेल आदि रोकने का भी प्लान है। पुलिस इसको लेकर भी अलर्ट मोड पर है। हालांकि, आईजी का कहना है कि यहां पर बंद की जानकारी नहीं है, बावजूद इसके पुलिस हर मामले से निपटने को तैयार है।