सरकारी लैब की तुलना में निजी पैथोलॉजी लैब में किए जा रहे कोविड टेस्ट में संक्रमण दर 10 प्रतिशत अधिक है। बीते सात दिन में देहरादून जिले में कुल 10686 लोगों के सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 3315 कोरोना संक्रमित मिले हैं। निजी लैबों की कोविड जांच में संक्रमण दर 36 प्रतिशत और सरकारी लैब में 26 प्रतिशत रही है।
सरकारी लैब से ज्यादा निजी लैब में कोविड जांच भी ज्यादा हो रही है और कोरोना पॉजिटिव भी अधिक मिल रहे हैं। निजी लैब में जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, उनकी सरकारी लैब में निगेटिव आ रही है। देहरादून जिले में बीते सात दिन में 10686 सैंपलों की जांच की गई।
इसमें सरकारी लैब में 5252 सैंपल की जांच में 1341 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके आधार पर संक्रमण दर 26 प्रतिशत रही। वहीं, निजी लैबों में 5434 सैंपलों की जांच में 1974 कोरोना संक्रमित मिले हैं, संक्रमण दर 36 प्रतिशत रही है।
इन निजी लैबों की अनुमति हो चुकी है निरस्त
डॉ.संजना पैथोलॉजी लैब, सिकुंड डायग्नोस्टिक सेंटर, गोयल पैथोलॉजी लैब, आरना डायग्नोस्टिक सेंटर, वेलमेड हॉस्पिटल, कनिष्क डायग्नोस्टिक सेंटर को आरटी पीसीआर टेस्ट करने के लिए दी गई अनुमति को मुख्य चिकित्साधिकारी ने आठ सितंबर को जारी आदेश निरस्त किया है। वहीं, मुख्य सचिव ओम प्रकाश के आदेश के बाद डीएम देहरादून ने पैथकाइंड लैब में सैंपल जांच पर रोक लगाई है।