फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

#LadengeCoronaSe: घर त्यागकर मरीजों की सेवा में जुटे, पहली लहर में हुए थे शिकार, अब फिर तैयार 

Thu, 22 Apr 2021 11:33 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

राजधानी दून में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
विज्ञापन
कोरोना योद्धा घर त्यागकर मरीजों की सेवा में जुट गए हैं
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉक्टरों को धरती का भगवान यूं ही नहीं कहा जाता, उनका अथक सेवाभाव और त्याग ही उन्हें यह दर्जा दिलाता है। राजधानी दून में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोरोना योद्धाओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है। डॉक्टर, नर्स, पुलिस और सफाईकर्मी जैसे कोरोना योद्धा घर त्यागकर मरीजों की सेवा में जुट गए हैं। 

विज्ञापन


हरिद्वार : 11 संतों समेत 634 कोरोना पॉजिटिव, केवल आईआईअी रुड़की में मिले 71 संक्रमित

पहली लहर में हुए थे शिकार, अब फिर तैयार 

सीओ सदर अनुज कुमार के ऊपर देहरादून शहर के दो थाने और देहात के डोईवाला थाने की जिम्मेदारी है। क्षेत्र बड़ा है, लिहाजा काम भी उसी जज्बे के साथ करना पड़ता है। पहली लहर में अनुज कुमार कोविड का शिकार हुए बिना नहीं रह सके थे।
विज्ञापन


कोरोना : रविवार की शादियों पर कोविड कर्फ्यू का ग्रहण, 25 अप्रैल को रिकार्ड शादियां, हरिद्वार में सवा दो सौ लग्न

कुछ दिन की छुट्टी के बाद काम पर लौटे और अब दूसरी लहर में भी मोर्चा संभाला हुआ है। वर्तमान में अनुज कुमार दिन शहर में तो रात का बड़ा समय देहात के डोईवाला थाना क्षेत्र में गुजार कर व्यवस्था को संभाल रहे हैं।

Trending Videos

घरवालों को हमसे ज्यादा सताती है चिंता

स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से होने वाली चिंता हमसे ज्यादा हमारे घर वालों को सताती है, लेकिन घर वाले हौसला भी बढ़ाते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि हमें जो सेवा का मौका मिला है, इसे हम अपना सौभाग्य मान रहे हैं।

अब तो ठान लिया है कि कोरोना को हराकर ही दम लेंगे

परिवार की सुरक्षा के लिए दिन में दो बार नहाने के साथ अपने कपड़े भी खुद धोने पड़ रहे हैं। जहां तक डर का सवाल है तो वह बीते एक साल में पूरी तरह से निकल गया है। अब तो ठान लिया है कि कोरोना को हराकर ही दम लेंगे। 

पीपीई किट में पसीने से तर हो रहा शरीर

कोरोना योद्धाओं के लिए कवच की तरह काम कर रहा पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट अब स्वास्थ्यकर्मियों के शरीर को पसीने से तर करने लगा है। गर्मी बढ़ने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के लिए परेशानी होने लगी है। आंखों में जलन होने के साथ प्यास से गला सूख रहा है।

सामान्य मरीज और संक्रमितों का एक ही डॉक्टर

दून अस्पताल के डॉक्टर सामान्य मरीज के साथ संक्रमित मरीजों का भी इलाज कर रहे हैं। अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते डॉक्टरों को नॉन कोविड वार्ड और कोविड वार्ड में अपनी सेवाएं देनी पड़ रही हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ रहा है। 

कोरोना युद्ध में ढाल बनकर खड़ी सरिता 

कोरोना की दूसरी लहर में पुलिस की चुनौतियां एक बार फिर से बढ़ गई हैं। इस चुनौती से पार पाने को पुलिस का सिपाही से लेकर उच्चाधिकारी सभी सड़कों पर नजर आ रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने वाली एसपी सिटी सरिता डोभाल।

डोभाल न सिर्फ अपनी टीम का काम देखती हैं बल्कि जनता से संवाद का समय भी निकालती हैं। छुट्टी के दिन भी ऑफिस में पूरे दिन बैठ रही हैं। रविवार को कोविड कर्फ्यू के वक्त भी एसपी सिटी ने पूरे दिन मोर्चा संभाले रखा। 
विज्ञापन

संक्रमित मरीजों के साथ सामान्य मरीजों को भी देखना पड़ रहा

बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। संक्रमित मरीजों के साथ सामान्य मरीजों को भी देखना पड़ रहा है। उधर घंटों ड्यूटी करने के बाद घर पर एहतियात बरत रहे हैं। जिससे परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित रह सकें।
-डॉ. अनुराग अग्रवाल, दून अस्पताल

एक बार फिर पहले जैसे हालात बन रहे हैं। वहीं गर्मी से परेशानी भी दोगुनी होने लगी है। परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात बरत रहे हैं, लेकिन बढ़ते मामलों की बीच घरवालों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
-डॉ. कुमार जी कौल, दून अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें