विधानसभा पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि बिना कोविड निगेटिव रिपोर्ट के विधानसभा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। दो दिन में कुल मिला कर 20 विधायकों के टेस्ट हुए हैं। ऐसे में विधानसभा ने सदस्यों के लिए विधानसभा के गेट पर रेपिड टेस्ट की व्यवस्था की है।
अभी तक कुल 15 विधायकों ने ऑनलाइन जुुड़ने की पेशकश की है। ऐसे में चार पांच विधायकों को गैर हाजिर भी मान लिया जाए तो करीब तीस विधायक हैं जो विधानसभा पहुंच सकते हैं। इनके पास अगर चार दिन पहले तक की रिपोर्ट नहीं होगी तो इन्हें टेस्ट कराने के बाद ही प्रदेश मिलेगा।
सभी विधायक कराएं टेस्ट, उपसभापति ने की अपील
विधानसभा उपसभापति रघुनाथ सिंह चौहान ने भी विधायकों से कोविड टेस्ट कराने की अपील की है। विधानसभा के गेट पर भी रेपिड टेस्ट की व्यवस्था की गई है। विधायक इसका उपयोग करें।
शांतिपूर्ण तरीके से चले सदन, सभी करें सहयोग
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रेस बयान जारी करके कहा है कि सत्र को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने में सभी विधायक सहयोग करें। कोरोना संक्रमण के कारण कई मंत्री, विधायक पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में सदन को चलाना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। वर्चुअल जुड़ने वाले विधायक भी समय का ध्यान रखें।
उच्चशिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत के कोरोना पॉजिटिव मिलने से यहां उच्चशिक्षा निदेशालय से लेकर कुमाऊं विवि, उत्तराखंड मुक्त विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा उनके संपर्क में आए भाजपा नेताओं में खलबली मची हुई है।
उच्चशिक्षा मंत्री 18 सितंबर की शाम दो दिन के दौर पर हल्द्वानी आए थे। उन्होंने 19 सितंबर की सुबह दस बजे से उच्चशिक्षा निदेशालय में निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की थी। इसमें समाज कल्याण, निर्माण निगम के अधिकारियों के अलावा उच्चशिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट, उत्तराखंड मुक्त विवि के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी, उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. कुमकुम रौतेला समेत निदेशालय के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
इस बैठक के बाद उच्चशिक्षा निदेशालय में उच्चशिक्षा मंत्री ने मीडिया से भी वार्ता की थी। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल डब्बू, मंडी समिति अध्यक्ष मनोज साह, चतुर बोरा आदि मौजूद थे। इसके बाद उच्चशिक्षा राज्यमंत्री डॉ. रावत मंडी समिति अध्यक्ष मनोज साह के साथ रविन्द्र नाथ टैगोर की कर्मस्थली रामगढ़ में प्रस्तावित केन्द्रीय विवि के कैंपस का निरीक्षण करने गए थे।
रामगढ़ से वह सीधे नैनीताल गए और रात्रि विश्राम नैनीताल क्लब में किया। डॉ. रावत ने 20 सितंबर को कुमाऊं विवि में बैठक ली। इसमें विवि के तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।