वहीं, पर्यटकों को होटल व होम स्टे में ठहरने के लिए कम से कम दो ठहरने की बुकिंग को अनिवार्य किया गया था। लेकिन अब सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को अब स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है।
होटल व होम स्टे, रेस्टोरेंट संचालकों को पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन व अन्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। यदि कोई पर्यटक कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करना होगा। ये आदेश प्रदेश में 23 सितंबर से लागू हो जाएंगे।
उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी का कहना है कि पर्यटकों के लिए कोविड नेगेटिव रिपोर्ट, ठहरने की अनिवार्यता को हटाकर सराहनीय फैसला लिया है। प्रदेश में वर्तमान में पांच से 10 प्रतिशत पर्यटन कारोबार शुरू हो पाया है।
राजस्थान व हिमाचल प्रदेश में ये प्रतिबंध पहले ही हटा दिए थे। जिससे इन राज्यों में 30 से 40 प्रतिशत से पर्यटन कारोबार बढ़ा है। उम्मीद है कि अब उत्तराखंड में 30 से 40 प्रतिशत पर्यटन कारोबार पटरी पर लौटेगा।