कांग्रेस ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मामले में सरकार को विफल करार दिया है। पार्टी ने सरकार से कहा है कि वह तुरंत स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार करे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की ओर से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को पत्र भेजा गया है।
पत्र में कहा गया कि सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने कहा था कि सरकार जो भी कठोर कदम उठाएगी, विपक्ष उसमें सहयोग करेगा। सरकार के पास प्रदेश में फैली इस महामारी की विस्तृत जानकारी व तमाम विशेषज्ञ भी हैं। अभी तक सरकार द्वारा इस कोरोना चैन को तोड़ने के लिए जो कार्य किया जाना चाहिए था, सरकार उसमें पूरी तरह विफल साबित हुई है।
पत्र के मुताबिक प्रदेश में लगातार प्रतिदिन पांच हजार से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। प्रदेश में मृत्युदर भी सबसे ज्यादा है। इसको देखते हुए अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त बेड, आईसीयू बेड और वेंटीलेटर युक्त बेड की बहुत कमी है। सरकार तत्काल प्रभाव से इसकी व्यवस्था करे, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को राहत मिल सके।
कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक कोई व्यवस्था नही हो पाई है। टेस्टिंग की व्यवस्था मजबूत की जाए, ज्यादा टेस्टिंग सेंटर खोलकर टेस्टिंग का दायरा बढ़ाते हुए अधिक से अधिक 24 घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। एक मई से टीकाकरण होना था, जो अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है। टीकाकरण को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।
कहा गया कि सरकार व मंत्री आए दिन बयान दे रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं का कोई अभाव नहीं है। रुड़की के एक अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण पांच मरीजों की मृत्यु ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है। वर्तमान परिस्थितियों देखते हुए सरकार तत्काल व्यापक जनहित के मद्देनजर कठोर कदम उठाए।