मोहित अपने भाई को लेकर कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल पहुंचे। यहां मरीज का ऑक्सीजन लेवल गिरकर 32 पहुंच गया। यहां भी मरीज को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी गई। मोहित ने अपने रिश्तेदारों से वेंटिलेटर ढूंढने के लिए संपर्क किया, लेकिन कहीं बेड नहीं मिला।
थक हारकर उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नगर विधायक मदन कौशिक केे कोविड हेल्पलाइन पर संपर्क किया। यहां से उन्हें सीएमआई अस्पताल देहरादून जाने की सलाह दी गई, लेकिन देहरादून पहुंचने पर पता चला कि सीएमआई में भी वेंटिलेटर खाली नहीं है।
इसके बाद होशोहवास खो चुके मोहित मुट्ठी में रुपये पकड़े अपने भाई को लेकर एक के बाद एक सात और अस्पतालों में गए, लेकिन कहीं वेंटिलेटर नहीं मिला। आखिर रात दो बजे देहरादून में एक अस्पताल के बाहर ही गणाराम की मौत हो गई। देर रात उनका शव हरिद्वार लाया गया। सोमवार को कनखल श्मशान घाट पर कोविड गाइडलाइन के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।