मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य स्नान के लिए सीमा पर भारी संख्या में मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए हैं और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कुंभ की अधिसूचना जारी होने के बाद अब पहला स्नान 11 अप्रैल को है।
केंद्र का मिला पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुंभ के लिए केंद्र ने 700 करोड़ रुपये जारी किए हैं। नमामि गंगे योजना में सफाई व्यवस्था (शौचालय तथा डस्टबिन) के लिए 58 करोड़ के तहत 11800 अस्थायी शौचालय और 6674 अस्थायी मूत्रालय बनाए गए हैं। एक करोड़ रुपये पेंट माई सिटी अभियान के तहत दिए गए। 78 चेजिंग रूम के लिए 50 लाख रुपये मिले हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं और क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
कुंभ में स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत 222 लाख रुपये से 150 बेड का अस्पताल बनाया गया है। 463 बेड क्षमता के 39 अस्थायी अस्पतालों में उपकरण, दवाईयां, मक्खी-मच्छर नियंत्रण, अस्थायी कार्मिकों आदि के लिए 7015.83 लाख की व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा के लिए 17.34 करोड़ की लागत से पुलिस सर्विलांस सिस्टम बनाया गया है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रात्रि चौपाल में वर्चुअल माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान में एक महीने से अधिक नहीं लगना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वह राजकीय प्राइमरी स्कूल धोबीघाट, दुगड्डा में आयोजित रात्रि चौपाल में वर्चुअल तरीके से भाग ले रहे थे। चौपाल में आई 21 समस्याओं से 17 का मौके पर ही निपटारा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं को दिन रात एक करके समाधान करना है।
सभी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी दूरस्थ क्षेत्र में रात्रि विश्राम कर चौपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। किसी भी समस्या समाधान के लिए एक माह से ऊपर का समय नही लगना चाहिए। ब्लॉक प्रमुख रुचि कैंतुरा की दुग्गड्डा में आ रही मोबाइल कनेक्टीविटी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के अंदर सर्वे कराकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
महिला स्वयं सहायता समूह ने मुख्यमंत्री को सब्जी उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याएं बताईं। सीएम ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को कैंप लगाकर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराकर जनता में जागरूकता लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने दुगड्डा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिला चिकित्सक की कमी की शिकायत का संज्ञान लिया। उन्होंने इस पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने चौपाल में आई सभी समस्याओं को अधिकारियों से गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी कार्य के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।