विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुंभ मेले में इस बार सरकारी राशन की दुकानें नहीं खोली जाएंगी, जबकि पहले कुंभ मेलों में सरकारी दुकानें खोली जाती थीं। राशन का वितरण सीधे ज्वालापुर गोदाम से किया जाएगा।
श्रद्धालु भी खरीद सकते हैं राशन
कुंभ मेला के खाद्य नोडल अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि कुंभ मेले में अखाड़ों, आश्रमों को तो राशन दिया ही जाएगा। इसके अलावा हरिद्वार जिला व मेला क्षेत्र के बाहर से आने वाले अकेले और परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालु भी आधार कार्ड दिखाकर सस्ती दरों पर राशन खरीद सकते हैं।
सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर मिलेगा राशन
अधिकारियों के अनुसार जिन अखाड़ों और आश्रमों को सस्ती दरों पर राशन की आवश्यकता होगी, उन्हें अपने यहां रहने वाले लोगों की संख्या के साथ तहसील परिसर में स्थित जिला मुख्यालय में आकर आवेदन करना होगा। इसके बाद कुंभ मेला के लिए भेजे गए खाद्य पूर्ति निरीक्षक जाकर सत्यापन करेंगे। उनके सत्यापन करने के बाद संबंधित क्षेत्र के सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट लगने के बाद ही राशन का आवंटन किया जाएगा।
विभाग की ओर से 3630 मीट्रिक टन गेहूं और चावल की डिमांड की गई थी। 1810 मीट्रिक टन ही दिया गया है। चीनी की मांग 600 मीट्रिक टन थी। इसकी मात्रा भी आधा कर दी गई है।
- केके अग्रवाल, नोडल, कुंभ मेला, खाद्यान्न