जब कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिलता है और उसकी ट्रेवल हिस्ट्री या कांटेक्ट ट्रेसिंग का पता नहीं लगता है। ऐसी स्थिति को सामुदायिक फैलाव माना जा सकता है। प्रदेश में मिल रहे संक्रमित या तो बाहरी राज्यों से आए हैं या वे कोरोना मरीज के संपर्क आने से संक्रमित हुए हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर उत्तराखंड की अन्य राज्यों की तुलना में स्थिति बेहतर है। प्रदेश में जितने भी संक्रमित मामले आ रहे हैं, वे कांटेक्ट और ट्रेवल हिस्ट्री के हैं। इससे प्रदेश में संक्रमण के सामुदायिक प्रसार जैसी स्थिति नहीं है। लोगों को किसी तरह से घबराने की जरूरत है। बल्कि मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सतर्क रहें।
-उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव