कोरोना रोकथाम में काम करने वाले कर्मचारी की अगर जान जाती है तो आपदा प्रबंधन विभाग उसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से सम्मान निधि प्रभावित के परिजनों के बैंक खाते में डाल दी जाएगी।
बीमा योजना की पेचीदगी से बचेंगे
बीमा योजना के तहत होने वाली पेचीदगी से राहत राशि मिलने में समय लगता है। इससे बचने के लिए मुख्यमंत्री ने सीधे राहत कोष से सम्मान निधि जारी करने का फैसला लिया है। दूसरा लाभ बीमा राशि से ढाई गुना अधिक राशि देने की व्यवस्था भी कर दी गई है।
केंद्र से लाभ लेने वाले नहीं होंगे कवर
केंद्र सरकार ने कोविड-19 के खिलाफ फ्रंट लाइन पर काम कर रहे चिकित्सकों, नर्सों, तकनीशियन से लेकर वार्ड ब्वाय, आउटसोर्स और संविदा कर्मियों को 50 लाख रुपये का बीमा कवर दिया है। मुख्यमंत्री सम्मान निधि में इससे इतर सेवाएं देने वाले कोरोना वॉरियर ही लाभांवित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कोराना संक्रमण की रोकथाम और बचाव में जुटे योद्धाओं की जान के नुकसान होने पर 10 लाख रुपये सम्मान निधि देने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से यह धनराशि जारी होगी। इसमें कर्मचारी, अधिकारी, संविदा, आउटसोर्सिंग से लेकर प्रत्येक वो कर्मचारी शामिल रहेगा, जो कोविड-19 की रोकथाम में सेवाएं दे रहा है।
-राधिक झा, सचिव मुख्यमंत्री