उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही सरकार, शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय के निर्देश पर रेलवे स्टेशन पर दोबारा यात्रियों की आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच शुरू कर दी गई है। शासन के निर्देश पर सोमवार को रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ विभाग की टीम ने सुबह से ही यात्रियों की आरटीपीसीआर के साथ ही एंटीजन टेस्ट शुरू कर दिया है।
रेलवे स्टेशन पर नंदा देवी एक्सप्रेस, काठगोदाम एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस समेत तमाम ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की जांच की गई। यात्रियों की आरटीपीसीआर व एंटीजन जांच किए जाने की वजह से यात्रियों को थोड़ी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। हालांकि जिलाधिकारी डॉ.आर राजेश कुमार का कहना है कि फिलहाल रेलवे स्टेशन के अलावा बस स्टैंड व जिले की सीमाओं पर स्थित चेकपोस्टों पर यात्रियों की रैंडम जांच की जा रही है। ऐसे तमाम यात्रियों पर पैनी नजर रखी जा रही है जिन्होंने कोरोना टीके की दूसरी डोज नहीं लगवाई है और यात्रा करने से 72 घंटे पहले उनका आरटीपीसीआर व एंटीजन टेस्ट नहीं हुआ है।
जिलाधिकारी डॉ.आर राजेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे तमाम यात्रियों की कोरोना जांच करें जिनके कोरोना संक्रमित होने की संभावना लगती है। फिलहाल यात्रियों की रैंडम जांच की जा रही है। साथ ही यह भी कहना है कि यदि कोरोना संक्रमण बढ़ता है तो सभी यात्रियों की जांच की जाएगी। दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की कोरोना जांच के चलते यात्रियों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। ट्रेनों से आने वाले सभी यात्रियों को स्टेशन परिसर के बाहर लंबी कतार में लगकर आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट कराना पड़ा।
आशारोड़ी चेकपोस्ट पर भी की गई यात्रियों की रैंडम जांच
रेलवे स्टेशन के साथ ही आशारोड़ी चेकपोस्ट पर भी दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की रैडम आरटीपीसीआर व एंटीजन टेस्ट किया गया। सुकून देने वाली बात यह रही कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए गए एंटीजन टेस्ट में किसी भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नही पाया गया। जिलाधिकारी डॉ आर राजेश कुमार का कहना है कि आशारोड़ी समेत जिले में जितने भी चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैनात कर दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच की जा रही है।