कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद लोगों में डर बढ़ गया है। उत्तराखंड में नया वैरिएंट हालांकि, नहीं मिला है, लेकिन बढ़ता खतरा देख लोग अपनी और अपनों की सुरक्षा पर ध्यान देने लगे हैं। दवा बाजार में मास्क, सैनिटाइजर, केप और ग्लब्स की बिक्री बढ़ गई है। बीते एक महीने में 35 प्रतिशत से अधिक का कारोबार में तेजी है। इसमें सबसे ज्यादा मास्क और ग्लब्स की बिक्री बढ़ी है।
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में पब्लिक मास्क, सैनेटाइजर, कैप और ग्लब्स का जमकर उपयोग कर रही थी। हर जगह सैनिटाइजर का भी लागों ने खूब उपयोग किया। सरकारी कार्यालयों से लेकर दुकानों में सैनिटाइजर से हाथों को स्प्रे कर ही सामान दिया जा रहा था। इसके साथ ही लोग अपनी जेब में सैनिटाइजर की शीशी साथ रखकर चल रहे थे। जो खुद इसका इस्तेमाल करने के साथ ही संपर्क में आने वाले लोगों के हाथों को भी सैनिटाइज कराकर उसका फायदा भी बता रहे थे।
कोरोना वायरस के कम होते ही लोगों ने सुरक्षा के तमाम नियमों को अपना छोड़ दिया। ना तो कोई मास्क लगा रहा था ना ही कोई सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहा था। अब जब देश में नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दस्तक दी है। पब्लिक ने फिर से इन चीजों का इस्मेताल करना शुरू कर दिया है। दवा की थोक मंडी से लेकर मेडिकल स्टोरों पर सैनिटाइजर, कैप, ग्लब्स, मास्क की डिमांड बढ़ गई है।