कोरोना से निपटने के लिए सघन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासनिक प्रयास से पहली डोज लगवाने में लोगों ने खूब दिलचस्पी दिखाई, लेकिन दूसरी डोज लगवाने में कदम पीछे खींच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 115305 ऐसे लोग हैं जिन्होंने टीके की पहली डोज तो लगवा ली, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद टीके की दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंचे। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैरत में हैं और प्रशासन से मदद मांगी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व एसीएमओ डॉ. दिनेश सिंह चौहान ने बताया कि जिले में 15808 ऐसे लोग हैं जिन्हें कोवैक्सीन टीके की दूसरी डोज लगनी है। साथ ही 99245 ऐसे लोग हैं जिन्हें कोविशील्ड टीके की दूसरी लगाई जानी है। ऐसे में कुल 115305 लोगों को टीके की दूसरी डोज लगनी है, लेकिन अवधि बीतने के बावजूद टीके की दूसरी डोज लगवाने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। इन लोगों को विभाग की ओर से एसएमएस पर जानकारी देने के साथ ही मोबाइल फोन पर संपर्क भी किया जा रहा है। इसके बावजूद टीका लगवाने में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण दोबारा फैलने का भी खतरा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि सरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों को टीके की दूसरी डोज लगाने के लिए विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा गया है। साथ ही टीके की दूसरी डोजलगवाने के लिए जिला प्रशासन से भी मदद मांगी गई है।
डीएम ने कहा, तैयार की जा रही कार्ययोजना
जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार का कहना है कि जिले में टीका उपलब्ध होने के बावजूद यदि लोग टीके की दूसरी डोज नहीं लगवा रहे हैं, यह गंभीर मुद्दा है। लोगों को टीके की दूसरी डोज लगाई जा सके, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई है जिसमें कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। टीके की दूसरी डोज नहीं लगवानों पर सख्ती भी की जाएगी।
राज्य में 795070 लोगों ने नहीं लगवाया दूसरा डोज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट पर नजर डालें तो राज्य में 795077 ऐसे लोग हैं जिन्होंने कोरोना का पहला टीका तो लगवा लिया। अब दूसरा टीका लगवाने को लेकर आगे नहीं आ रहे हैं। जबकि दूसरा टीका लगाए जाने की अवधि पूरी हो चुकी है। हरिद्वार ऐसा जिला है जहां सबसे अधिक 161814 लोगों ने दूसरा टीका नहीं लगवाया है। देहरादून दूसरे नंबर पर है।