एक जनवरी को नव वर्ष के अवसर पर कोटद्वार के श्री सिद्धबली मंदिर में दर्शन को पहुंचने वाले 12 लोगों और दो स्थानीय लोगों समेत 14 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। मंगलवार को जिला कोविड वार रूम से आई रिपोर्ट के बाद सिद्धबली मंदिर की भीड़ में कोरोना संक्रमितों के आने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची बनाने में जुट गया है। लेकिन, संक्रमितों के गलत मोबाइल नंबर और पते लिखाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
सीएमओ पौड़ी डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि एक जनवरी को बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की यूपी-यूके बॉर्डर कौड़िया चेकपोस्ट पर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिए गए थे। जिसमें से मेरठ से आने वाला एक व्यक्ति और मुजफ्फरनगर से आने वाले 11 लोगों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
इसके अलावा कोटद्वार के पदमपुर मोटाढांक से एक व्यक्ति और देवी रोड से एक व्यक्ति की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। इन स्थानीय दोनों लोगों को बुखार और जुखाम की शिकायत होने पर 31 दिसंबर को सैंपलिंग की गई थी। कोटद्वार निवासी दोनों व्यक्तियों को होम आइसोलेट कर दिया गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की ट्रेसिंग की जा रही है।
मास्क न लगाने वाले 129 लोगों को थमाए चालान
कोरोना के बढ़ते केसों के बीच रुड़की पुलिस ने भी सख्ती बढ़ानी शुरू कर दी है। पुलिस ने मास्क न लगाने वालों का जुर्माना लगाते हुए हाथों में चालान थमा दिए। पुलिस ने अभियान चलाकर 129 लोगों का चालान काटा।
दृष्टि दिव्यांगजन संस्थान में छह और छात्र संक्रमित
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन संस्थान के छह और छात्र कोरोना संक्रमित मिले हैैं। संस्थान में अब तक 10 छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. राजीव दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां 1&9 सैंपल लिए हैं।
संस्थान में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए संस्थान के निदेशक ने यह आदेश जारी किए। बिना ट्रैवल हिस्ट्री के छात्रों के संक्रमित पाए जाने को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। यहां दो दिन से लगातार सैैंपलिंग चल रही है, जिसमें छात्रा, शिक्षक व स्टाफ सभी को शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी संस्थान को सुझाव दिया था कि संक्रमण की रोकथाम के लिए कुछ समय तक बाहरी व्यक्तियों को प्रवेश न दिया जाए। इस पर त्वरित अमल करते हुए संस्थान ने रोक के आदेश जारी कर दिए। रोक तभी हटाई जाएगी, जब संस्थान कोरोनामुक्त घोषित कर दिया जाएगा।