दिल्ली के सुबोध शर्मा का कहना है कि इस बार बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा की इच्छा थी, लेकिन कोरोना के कारण धाम नहीं आ सकता। लेकिन बामणी गांव के युवाओं ने बदरीनाथ जी के दर्शन करने और प्रसाद भेंट करने की इच्छा पूरी कर दी। कई अन्य तीर्थयात्री भी बदरीनाथ भगवान को तुलसी माला भेंट करने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
औषधीय गुण समेटे है बदरी तुलसी
बदरीनाथ धाम में तुलसी की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। इसे बदरी तुलसी नाम से जाना जाता है। धार्मिक आस्था के साथ ही यह तुलसी अपने में औषधीय गुण समेटे है। बदरी तुलसी चर्म रोग (लेसमेनियासिस), डायरिया, डायबिटीज, घाव, बाल झड़ना, सिर दर्द, बुखार, कफ-खांसी, बैक्टीरियल संक्रमण जैसे रोगों को दूर करने में फायदेमंद है।