मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने चीन को करारा जवाब दिया है। देश के मजबूत नेतृत्व और सेना की वीरता के चलते चीन अब पीछे हटने को तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पड़ोस में मित्र राष्ट्र नेपाल है और चीन की भी सीमाएं हैं। चीन प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और लोकल के लिए वोकल जैसे आह्वान से चीन परेशान है। जबकि नेपाल के साथ हमारे रिश्ते गहरे हैं।
पिथौरागढ़ की वर्चुअल रैली में उन्होंने कहा कि भारत के सीमांत क्षेत्रों में किए कार्यों से चीन परेशान है। लद्दाख में जिस तरह से भारतीय सैनिकों ने चीन को जवाब दिया है, उससे चीन को सबक मिल गया है। भारत सैन्य मजबूती में पांचवां सबसे सशक्त देश है। इसी के चलते चीन को वापस कदम खींचने पड़े हैं। चीन की हरकतों से वहां के नेतृत्व के खिलाफ आंतरिक विरोध शुरू हो चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण चीन को पीछे हटना पड़ा। कहा कि अब 1962 जैसे हालात नहीं हैं, आज देश के पास मजबूत नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए भी सरकार व्यापक प्रयास कर रही है। जिले में मेडिकल कॉलेज जल्द खुलने वाला है। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आईसीयू बनाया गया है। इस विधानसभा क्षेत्र में नई पेयजल योजनाएं शुरू हुई हैं।
वर्चुअल रैली में सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना की तरह मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। प्रदेश में संचालित होने वाली सभी स्वरोजगार की योजनाएं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जुड़ेंगी। युवाओं को रोजगार देने की कोशिशें हो रही हैं। सीपैट के माध्यम से युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जा रहा है। 25 आईटीआई को 600 करोड़ से आधुनिक बनाया जा रहा है। पेयजल सप्लाई के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
भारत नेट के तहत इंटरनेट की सुविधाएं सुधारी जाएंगी। हर गांव इंटरनेट से जुड़ेगा। एरोमा पार्क खुलने जा रहा है। इससे पहाड़ों में रोजगार की नई संभावनाएं मिलेंगी। हार्टिकल्चर के हजारों क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। सरकार ने बदरी गाय के संरक्षण का काम शुरू किया है। चीड़ की पत्तियों से रोजगार सृजित किया जा रहा है। साढ़े तीन रुपये किलोग्राम पत्तियों को एकत्रित करने पर मिलेंगे। इसी तरह से सौैर ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार के विकल्प दिए जा रहे हैं।