कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले सामने आने के बाद पाबंद किए देहरादून जिले के पांच और इलाकों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। रविवार को मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके आदेश जारी किए।
एक जून को ब्रह्मपुरी वार्ड पटेल नगर में कोरोना संक्रमित मरीज सामने आया था। इसके बाद वहां के आसपास के मकानों को पाबंद कर दिया गया था। इसी तरह सर्कुलर रोड डालनवाला, कलिंगा कॉलोनी आराघर, प्रगतिपुरम बालावाला तथा ओम सार्थक अपार्टमेंट, सेवलाकलां में भी एक जून को ही कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए थे। इसके बाद संक्रमित पाए गए लोगों के घर के आसपास के इलाके को कंटेनमेंट जोन बनाया गया था। 28 दिन तक रोजाना यहां के लोगों का सामुदायिक निरीक्षण किया गया। कोरोना संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।
मौजूदा समय में हैं 24 कंटेनमेंट जोन
मौजूदा समय में जिले में 24 कंटेनमेंट जोन हैं। इनमें देहरादून में 15, ऋषिकेश में 5, डोईवाला और विकासनगर में दो-दो कंटेनमेंट जोन हैं।
देहरादून के कंटेनमेंट जोन
प्रेम बत्ता गली संतोवाली घाटी, बसंत विहार फेज-2 ट्रांसफार्मर वाली गली, बलजीत सिंह सरदार वाली गली खुड़बुड़ा, हर श्री नाथ गली खुड़बुड़ा, नवीन मंडी निरंजनपुर, जॉन ढाबा कैंट रोड मोथरोवाला, विवेक विहार क्लमेंटटाउन, सांई लोक लेन-2 बसंत विहार, स्माइली बुक डिपो वाली गली, राम विहार बल्लूपुर, पूर्वी पटेल नगर, चमनपुरी, 16 मोहिनी रोड डालनवाला, गोविंदगढ़, 202 ईदगाह चकराता रोड।
ऋषिकेश के कंटेनमेंट जोन
रेलवे रोड, विलेज गढ़ी मयचक, गली नं. 4 भागीरथी पुरम चोपड़ा फार्म श्यामपुर, विलेज खंड, मुख्य सब्जी मंडी।
डोईवाला के कंटेनमेंट जोन
जौलीग्रांट देहरादून वार्ड-5 बिचली जौली सोलंकी मोहल्ला, वार्ड-15 तेलीवाला
विकासनगर के कंटेनमेंट जोन
हड्डोवाला अशोक आश्रम, ग्राम सभा पसौली मौजा।
उत्तरकाशी में बीते दिनों जनपद में कोरोना संक्रमण से मृत युवक के माता-पिता की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। दूसरी ओर रविवार को खांसी की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे जिला मुख्यालय के एक युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब युवक और उसके निकट संपर्क वाले लोगों के सैंपल जांच के लिए दून अस्पताल भेजे जा रहे हैं।
बीते 25 जून को उत्तरकाशी के एक युवक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। इसके बाद युवक के माता-पिता के सैंपल जांच के लिए दून अस्पताल भेजे गए, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। युवक और उसके माता-पिता की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं होने पर भी युवक किस माध्यम से कोरोना संक्रमित हुआ, यह पता नहीं चल पाया है। पता लगाने के लिए प्रशासन युवक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाकर इस क्षेत्र के साथ ही पिता के संपर्क में आए ट्रक चालकों की रैपिड सैंपलिंग कराने में जुटा है। युवक की पत्नी की कोरोना रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
जसपुर में गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। श्मशान घाट पहुंचे परिजनों को पुलिस ने अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। डॉक्टरों की टीम ने शव का सैंपल लेकर जांच के लिए रुद्रपुर भेजा। वहां से देर शाम तक ट्रूनेट मशीन से जांच रिपोर्ट आने की बात कही गई। इधर, देर शाम ट्रूनेट मशीन से रिपोर्ट निगेटिव आने पर महिला की अंत्येष्टि की गई।
मोहल्ला नत्था सिंह निवासी महिला छह माह की गर्भवती थी। कुछ दिनों से वह बीमार थी। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। महिला के परिजनों ने उसे नर्सिंग होम में इलाज के लिए दिखाया, जहां उसकी हालत नाजुक होने पर डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया था। शनिवार रात काशीपुर ले जाते समय महिला ने दम तोड़ दिया। रविवार सुबह परिजन उसकी अंत्येष्टि की तैयारी में जुटे थे।
तभी मोहल्ले वालों ने महिला की मौत कोरोना वायरस से होने की आशंका में इसकी शिकायत सीओ काशीपुर से कर दी। उन्होंने घटना की सूचना एसडीएम सुंदर सिंह को दी। एसडीएम ने पुलिस को आदेश कर उसके परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। साथ ही सीएमएस डॉ. एचके शर्मा को शव के सैंपल लेने के निर्देश दिए। डॉ. नरेश ने बताया कि सैंपल लेकर जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
शाम को ट्रूनेट मशीन से जांच में मृतका की रिपोर्ट निगेटिव आने पर परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए मृतका का अंतिम संस्कार किया। इस बीच दिनभर शव को बर्फ की सिल्लियों में रखकर सुरक्षित किया गया था। साथ ही परिजन भी दिनभर श्मशान घाट पर ही मौजूद रहे।
लॉकडाउन में पुलिस कार्रवाई के बड़े रिकॉर्ड बन गए। तीन माह की अवधि में 17190 वाहनों का चालान करने के साथ 2344 वाहनों को सीज किया गया। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों से करीब 68 लाख 57 हजार का जुर्माना वसूला गया। मौके पर कागजात ना उपलब्ध कराने वाले चालकों के वाहनों को सीज करने की कार्रवाई की गई।
सीओ ने जुर्माना वसूलकर छोड़े सीज वाहन
लॉकडाउन में सीज हुए वाहनों का संबंधित सीओ ने निस्तारण किया। डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने पुलिस ऑफिस के बाहर अलग से डेस्क लगवाई थी। वाहन चालकों के आरसी दिखाने के बाद संबंधित धारा के तहत जुर्माना लिया गया। ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर 2500 रुपये, इंश्योरेंस न होने पर एक हजार, हेलमेट न होने पर एक हजार, लॉकडाउन उल्लंघन पर दो हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा एक माह तक चालान ना भुगतने वालों का चालान कोर्ट में भेजे गए।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों के चालान सीधे जाते हैं कोर्ट
शराब पीकर वाहन चलाने वालों के चालान सीधे कोर्ट को भेजे जाते हैं। पुलिस ऐसे वाहनों को सीज कर अपनी रिपोर्ट कोर्ट को भेजती है। बाद में कोर्ट के आदेश पर ही ऐसे वाहनों को रिलीज किया जाता है।
ई-पास में झूठी सूचना दर्ज कर नोएडा से पिथौरागढ़ आए युवक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। युवक नोएडा से आने के बाद पिथौरागढ़ जिले के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है।
लिंठ्यूड़ा निवासी युवक 25 जून को सेक्टर-62 नोएडा से आया था, जबकि उसने गाजियाबाद से पिथौरागढ़ आने की सूचना देकर अपना ई-पास बनवाया था। कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि आरोपी नोएडा के सेक्टर-62 में नौकरी करता था।
वह 26 जून को अपने घर लिंठ्यूड़ा पहुंचा। उसने अपने आने की सूचना गलत बताई। वह आया नोएडा सेक्टर 62 से था लेकिन उसने बताया कि वह गाजियाबाद से आया है। उसे तत्काल जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ धारा 307, 420, 468, 471, 269, 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।