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उत्तराखंड: पांच दिन में ठीक होकर घर लौटे 304 कोरोना संक्रमित, 33 हजार लोग हुए संस्थागत क्वारंटीन

Fri, 05 Jun 2020 07:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • प्रदेश में रिकवरी दर में दोगुनी बढ़ोत्तरी
  • रेड जोन से आने वाले सात दिन रहेंगे संस्थागत क्वारंटीन
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही रिकवरी का ग्राफ भी बढ़ रहा है। पिछले पांच दिनों में 304 कोरोना संक्रमित मरीज अपने घर लौटे हैं। इससे प्रदेश की रिकवरी दर में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।

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प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1200 पहुंच गया है। अभी भी देहरादून, नैनीताल और टिहरी जिले में सबसे अधिक सक्रिय मामले हैं। 24 मई के बाद प्रदेश में पांच दिन की दर से संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी हुई है।

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जिससे पिछले दो सप्ताह में संक्रमितों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। अब ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। 31 मई को प्रदेश में रिकवरी दर 12.72 प्रतिशत थी और 105 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया था। जबकि पांच जून को रिकवरी दर 25.77 प्रतिशत हो गई है और 309 मरीज ठीक हुए हैं। प्रभारी सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मामले बढ़ने के साथ ही प्रदेश में रिकवरी और डबलिंग दर भी बढ़ रही है।

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प्रदेश में 33 हजार लोग संस्थागत क्वारंटीन

प्रदेश में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले 33 हजार से अधिक लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। लगभग पांच सौ लोगों की संस्थागत क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद 14 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चार जून को प्रदेश में 33 हजार 942 लोग संस्थागत क्वारंटीन में रह रहे थे।

शुक्रवार को लगभग पांच सौ लोगों को सात दिन की अवधि पूरी होने के पर घर भेजा गया है। ये अब 14 दिन तक अपने घर में क्वारंटीन रहेंगे। प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देश के 75 शहर चिह्नित किए हैं। जहां से आने वाले लोगों को सात दिन तक संस्थागत क्वारंटीन में रहना अनिवार्य होगा।

वहीं, रेड जोन से आने और जाने के लिए पास बनाना अनिवार्य है। ऑरेंज जोन में एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। ऑनलाइन पंजीकरण ही पास माना जाएगा और उन्हें संस्थागत क्वारंटीन में नहीं रहना होगा।
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