कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय झूलापुल पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। मंगलवार को जांच के दौरान एक नेपाली युवक को संदिग्ध पाते हुए सुरक्षा बलों ने उसे लौटा दिया।
सुनसेरा (नेपाल) निवासी युवक काठमांडू से भारत के रास्ते अपने घर जा रहा था। उसके पास काफी सामान था। एसएसबी की महिला कांस्टेबल देवकी भट्ट, अनुप्रिया और सतीश कुमार ने उसकी चेकिंग की। वह बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। उन्होंने डॉ. लक्ष्य को जानकारी दी।
डॉ. लक्ष्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. नौनिहाल सिंह को सूचना दी। चिकित्सकों की टीम ने रमेश सिंह की जांच के बाद उसे वापस नेपाल भेज दिया। रमेश सिंह ने बताया कि वह पिछले पांच-छह माह से काठमांडू के एक रेस्टोरेंट में काम कर रहा था। उसने बताया कि बुधवार को वह दार्चुला अस्पताल में जांच कराएगा।
इधर, झूलापुल पर डॉ. लक्ष्य, डॉ. आशीष टम्टा, डॉ. पूरन थलाल, फार्मासिस्ट गजेंद्र भोगिया की टीम ने 115 लोगों की जांच की। बलुवाकोट में डॉ. राकेश खाती की टीम ने 50 और जौलजीबी में डॉ. रमेश के नेतृत्व में 40 लोगों की जांच कर कोरोनावायरस के बारे में जानकारी दी गई।
कोरोनावायरस से विश्व में हड़कंप मचा है और दिल्ली, नोएडा व आगरा में भी कोरोनावायरस से ग्रसित मरीज भी मिले हैं। इसके बावजूद कॉर्बेट प्रशासन की ओर से सतर्कता नहीं बरती जा रही है। यहां आने वाले विदेशी सैलानियों की जांच पड़ताल नहीं हो रही है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में विदेशी सैलानी काफी संख्या में आते हैं। ऐसे में विदेशी सैलानियों को लेकर कॉर्बेट प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 तक देशभर के दो लाख 35 हजार सैलानी कॉर्बेट पार्क घूम चुके हैं। वहीं इस दौरान पांच हजार से अधिक विदेशी सैलानी कॉर्बेट घूमने आए। दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक एक हजार से अधिक विदेशी सैलानी पार्क में भ्रमण कर चले गए।
कोरोनावायरस को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। हालांकि यहां आने वाले किसी विदेशी सैलानी के स्वास्थ्य की जांच नहीं की गई।
- राहुल, निदेशक सीटीआर