कोटद्वार में बिना सरकार की अनुमति के कोरोना टेस्ट कर रहे माही पैथोलॉजी लैब के संचालक की गिरफ्तारी के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने लैब के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देवी रोड स्थित लैब को सील कर दिया है।
बुधवार को सीओ कोटद्वार अनिल कुमार जोशी और सीआईयू यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर विजय सिंह ने कोविड-19 के सरकारी डॉक्टर डॉ. फिरोज आलम और पुलिस कर्मियों के साथ देवी रोड पर स्थित एक पैथोलॉजी माही लैब पर छापा मारा था। जिसमें मनमाने दाम वसूल कर फर्जी रिपोर्ट दे रही पैथोलॉजी लैब से पुलिस ने 22 रैपिड एंटिजन किट और बिल बुक जब्त कर लैब के संचालक डॉक्टर को गिरफ्तार किया था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को लैब संचालक कोरोना टेस्ट का अनुमति पत्र नहीं दिखा पाया था, जिसके कारण ब्लाक की स्वास्थ्य टीम ने इसकी रिपोर्ट सीएमओ पौड़ी को भेज दी थी। गुरुवार को सीएमओ के निर्देश पर देवी रोड स्थित माही पैथोलॉजी लैब पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गई और उन्होंने लैब को सील कर दिया। सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अवैध रूप से कोरोना का टेस्ट करना गैर कानूनी है। लैब संचालक को कोरोना के रैपिड एंटीजन और आरटीपीसीआर टेस्ट की इजाजत नहीं दी गई थी। अवैध रूप से कोरोना टेस्ट किए जाने की पुष्टि होने पर देवी रोड स्थित माही पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया गया है। लैब की अन्य शाखाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
जयहरीखाल ब्लाक के बंदूण गांव में आयोजित शादियों में शामिल होना कई लोगों पर भारी पड़ गया। शादी में शामिल हुए करीब 30 लोग कोरोना संक्रमित हो गए। 30 लोगों के एक साथ कोरोना संक्रमित मिलने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। प्रशासन ने संक्रमितों को होम आइसोलेट कर गांव को सील कर दिया है। गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ एंबुलेंस तैनात कर दी गई है।
बीडीओ रमेश नेगी ने बताया कि गांव में 21, 22 और 23 अप्रैल को तीन शादियां हुई थीं, जिनमें बाहर से बरात और शादियों में मेहमान भी आए थे। शादियां संपन्न होने के बाद गांव के लोगों को बुखार, खांसी की शिकायत होने लगी। इसके बाद तीन मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के 42 लोगों का सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए भेज दिए थे।
गुरुवार को आई रिपोर्ट में गांव के 30 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सतपुली संदीप कुमार, ब्लाक चिकित्साधिकारी डॉ. पुंकेश पांडेय, सहायक विकास अधिकारी रविंद्र रावत अपनी पूरी टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को कोरोना संक्रमित होने की जानकारी देते हुए कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के लिए जागरूक किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने सभी संक्रमितों की जांच की और सभी को कोरोना किट वितरित की। एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य कर्मियों को एंबुलेंस के साथ तैनात कर दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय में पांच आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं।
विधानसभा सचिवालय में अपर निजी सचिव पद पर कार्यरत प्रियंका पटवाल का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। कोरोना के चलते नंदा देवी बायोस्फीयर क्षेत्र के निदेशक वीपी सिंह का भी निधन हो गया है। विधान सभा सचिवालय में कोरोना संक्रमण से कुछ दिन पहले ही समीक्षा अधिकारी दिनेश मंद्रवाल का निधन हो गया था।
38 वर्षीय प्रियंका पटवाल विगत कई दिनों से कोरोना संक्रमित होने के बाद दून अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थीं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। अध्यक्ष ने इस प्रकार की घटनाओं को देखते हुए विधानसभा सचिवालय के सभी कर्मियों को भी विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा है।
विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। दूसरी तरफ नंदा देवी बायोस्फीयर के निदेशक वीपी सिंह का भी कोरोना संक्रमण के चलते मिलिट्री हॉस्पिटल में निधन हो गया है।