उत्तरकाशी के जोशियाड़ा निवासी शिक्षक धर्मानंद भट्ट के परिवार पर कोरोना का कहर टूट कर पड़ा। बीते 29 अप्रैल को परिवार के मुखिया धर्मानंद भट्ट की कोविड महामारी से मौत हुई और इसके महज तीन दिन बाद ही इकलौते बेटे प्रियंक ने भी महामारी के प्रकोप से दम तोड़ दिया। बीते मार्च तक घर में 26 अप्रैल को बेटी की सगाई और आठ मई को बेटे की शादी की तैयारी चल रही थी।
मूल रूप से मुखेम गांव टिहरी निवासी धर्मानंद भट्ट (56) राइंका जोशियाड़ा में व्यायाम शिक्षक के पद पर तैनात थे। उनकी बेटी की सगाई 26 अप्रैल को होनी थी, जबकि इकलौते बेटे 28 वर्षीय प्रियंक की शादी आठ मई को नियत थी। बीते 20 अप्रैल को बेटे की तबीयत खराब होने पर उसे देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इस बीच संपर्क में आए लोगों की जांच कराने पर शिक्षक धर्मानंद भट्ट की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बीते 24 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 29 अप्रैल को उनकी मौत हो गई।
पिता का साया सिर से उठने पर गम में डूबे परिवार को ढांढस बंधाने के लिए कोविड से काफी हद तक उबर चुका प्रियंक देहरादून से घर लौट आया था। शनिवार रात उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे रविवार तड़के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन यहां वह कोरोना से जंग हार गया।