कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहे राज्य में महामारी के बढ़ते प्रकोप के प्रबंधन के लिए मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में कोविड-19 हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स कोरोना की तीसरी लहर से पूर्व नियंत्रण को लेकर रणनीति भी बनाएगी। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने मंगलवार को टास्क फोर्स गठन के आदेश जारी किए।
जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य में कोविड-19 महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके प्रबंधन के लिए हाई पावर टास्क फोर्स बनाई गई है। यह फोर्स राज्य में महामारी के प्रबंधन के लिए लगातार समीक्षा करेगी। तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए प्रभावी निर्णय लेगी। भविष्य की महामारी के नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार करेगी।
टास्क फोर्स में अपर मुख्य सचिव नियोजन मनीषा पंवार, सचिव स्वास्थ्य व वित्त अमित सिंह नेगी, सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली, सचिव वित्त सौजन्या, सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सोनिका, उत्तराखंड चिकित्सा विवि के कुलपति, महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, डॉ. भार्गव गायकवाड़, एमडी कम्युनिटी मेडिसिन, प्रभारी अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व मुख्य सचिव की अनुमति से विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं।
रुद्रप्रयाग में कोरोना संक्रमित विधायक भरत सिंह चौधरी और उनकी पत्नी का ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें शंकराचार्य अस्पताल कोटेेश्वर में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार है।
मंगलवार को सुबह 10 बजे विधायक चौधरी व उनकी पत्नी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद उनके बेटों ने उन्हें तत्काल कोटेश्वर स्थित शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। उपचार के बाद उनका ऑक्सीजन लेवल सामान्य हो गया। बता दें कि विधायक चौधरी व उनकी पत्नी एक सप्ताह पूर्व कोरोना संक्रमित हो गए थे। वे होम आइसोलेशन में रहते हुए दवा ले रहे थे।
वहीं विधायक के अस्पताल में भर्ती होने की खबर वायरल होने के बाद उनके समर्थक, भाजपा कार्यकर्ता और शुभचिंतकों ने भगवान केदारनाथ व मां हरियाली देवी से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम के अनुसार विधायक के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
आखिरकार देहरादून के रायपुर स्थित कोविड केयर सेंटर में मंगलवार को पांच आईसीयू का संचालन शुरू हो गया। पांचवें दिन इसका संचालन होने से कुछ मरीजों को राहत मिली। वहीं, अब भी विभाग 25 आईसीयू के लिए जरूरी व्यवस्थाएं नहीं जुटा पाया है। इसके कारण सेटअप तैयार होने के बावजूद अभी मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा था।
कोविड केयर सेंटर में शुक्रवार को 71 लाख की लागत से 30 आईसीयू बेड का सेटअप तैयार हो गया था, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण चार दिन बाद भी ये शोपीस बने हुए थे। अमर उजाला ने मंगलवार को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर मंगलवार को नींद से जागे विभाग ने पांच आईसीयू के लिए जरूरी व्यवस्थाएं कर लीं और मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया।
हालांकि विभाग सभी 30 आईसीयू बेड के लिए व्यवस्थाएं नहीं जुटा पाया है। रायपुर विधायक उमेश शर्मा ने कहा कि आईसीयू के लिए मरीजों को बहुत ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। सभी 30 आईसीयू का संचालन शुरू हो जाएगा तो मरीजों को इसका फायदा मिलेगा।
कोविड मरीजों को भर्ती करने से पहले लेने होगी अनुमति
दून चिकित्सालय में ऑन ड्यूटी, ऑनकॉल, फिजीशियन और ईएमओ कोविड मरीजों को सीधे भर्ती नहीं कर पाएंगे। इसके लिए प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज ने डॉ. धनंजय डोभाल को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मरीजों को भर्ती करने से पहले डॉ. डोभाल और डॉ. अतुल कुमार सिंह से समन्वय के बाद ही भर्ती करें।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने मंगलवार को यह आदेश जारी किए हैं। दरअसल, अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे मरीजों को बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में बेड का प्रबंधन सही तरीके से हो और जरूरतमंद को बेड मिल सके, इसलिए उन्होंने सर्जरी विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. धनंजय डोभाल को बेडों का निर्णय एवं आवंटन का जिम्मा सौंपा है।
उन्होंने कहा कि अब बिना उनकी अनुमति से अस्पताल में न तो मरीजों को भर्ती किया जाएगा और न हीं बेड दिए जाएंगे। सभी ऑन ड्यूटी और ऑनकॉल फिजीशियन और ईएमओ को पहले उनकी अनुमति लेनी होगी।