तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण जिस रफ्तार के साथ फैल रहा है, उसकी तुलना में संक्रमण का प्रभाव घातक नहीं है। यही वजह है कि प्रदेश में 98 प्रतिशत कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में रह कर इलाज ले रहे हैं। जबकि मात्र दो प्रतिशत संक्रमित ही अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती हैं। वर्तमान में सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 31 हजार पार हो गया है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है। जिससे सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर की जिस तरह से डेल्टा वेरिएंट घातक साबित हुआ है। उसकी तुलना में ओमिक्रॉन वेरिएंट का अभी तक प्रभाव कम है। कोरोना संक्रमित घर में रह कर इलाज लेेने के बाद स्वस्थ हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार सरकारी और निजी अस्पतालों में अभी तक लगभग 520 मरीज ही भर्ती है। जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। जबकि 28500 से ज्यादा संक्रमित होम आइसोलेशन में है।
राज्य कोविड कंट्रोल रूम के मुख्य संचालन अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना का नया स्वरूप ओमिक्रॉन ज्यादा घातक साबित नहीं हो रहा है। हल्के लक्षण वाले संक्रमित घर में रह कर ठीक हो रहे हैं। पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित संक्रमित ही अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। वर्तमान में 98 प्रतिशत संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं।