अब कॉर्बेट प्रशासन अपने पालतू हाथियों और डॉग स्क्वायड की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। महावतों और हाथियों की देखरेख करने वालों को अपने घर जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। महावत अब जंगल से बाहर नहीं जा पाएंगे।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) कोरोना संक्रमण को देखते हुए कॉर्बेट पार्क को 15 मई तक के लिए बंद कर चुकी है। अब कॉर्बेट प्रशासन अपने पालतू हाथियों और डॉग स्क्वायड की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। महावतों और हाथियों की देखरेख करने वालों को अपने घर जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। महावत अब जंगल से बाहर नहीं जा पाएंगे।
कार्बेट के निदेशक राहुल ने बताया कि सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। पालतू 16 हाथियों के महावतों को अब घर जाने की इजाजत नहीं है। वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्कता बरतेगा। कहा कि मानवीय दखल रोकने के लिए आबादी से सटे इलाकों में सोलर फेंसिंग लगाई जा रही है, वहीं हाथी कैंप को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्जिया रेस्ट हाउस में होगा संक्रमित वनकर्मियों का उपचार
कॉर्बेट पार्क के निदेशक राहुल ने बताया कि सरकार की एडवाइजरी के तहत वनकर्मियों को दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें विटामिन सी, मल्टीविटामिन, पैरासिटामोल, एजिथोमाइसिन दवाइयां दी जा रही हैं। यदि कोई वनकर्मी संक्रमित होता है तो गर्जिया रेस्ट हाउस को कोविड सेंटर बनाया है, जहां पर एक साथ चार लोगों का उपचार डॉक्टर करेंगे।
कॉर्बेट पार्क में इस बार घूमने वालों की अच्छी खासी तादाद रही है। कॉर्बेट पार्क को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2020 में ही 18 मार्च को कार्बेट पार्क बंद हो गया था। जून में 15 दिन खुलने के बाद फिर सितंबर तक के लिए बरसाती सीजन की वजह से कार्बेट बंद हो गया था।
इसके बाद अक्तूबर से कार्बेट पार्क फिर पर्यटकों के लिए खुल गया। छह महीने के भीतर ही 201221 भारतीय व विदेशी पर्यटक कार्बेट आए। इसमें से 366 विदेशी पर्यटक थे। पर्यटकों से 8.23 करोड़ रुपये का राजस्व कार्बेट प्रशासन को प्राप्त हुआ। बता दें कि 2019-20 में 1.65 लाख पर्यटक आए, जिनसे 7.37 करोड़ की कमाई हुई थी।