कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में जंगल सफारी पर 15 मई तक फिलहाल रोक लगा दी गई है। इसके बाद भी हालात सामान्य होने पर ही जंगल सफारी करने का अवसर सैलानियों को दिया जाएगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व की विभिन्न रेंजों में देश-विदेश के टूरिस्ट जंगल सफारी का आनंद उठाने आते हैं। गर्मी के सीजन में तो पर्यटकों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। सैलानियों को जंगल सफारी के साथ ही गेस्ट हाउसों में रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन देश में कोरोना की दूसरी लहर ने सभी कार्य प्रभावित कर दिए हैं।
कहीं लॉकडाउन लगाकर कोरोना को रोकने का प्रयास किया जा रहा है तो कहीं कोविड और नाइट कर्फ्यू। बावजूद इसके कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में जंगली जानवरों में भी कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। लिहाजा एहतियात के तौर पर राजाजी टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध चीला और हरिद्वार रेंज के रानीपुर गेट को 15 मई तक जंगल सफारी के लिए बंद कर दिया गया है।
इस दौरान पर्यटकों को राजाजी पार्क में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। चीला रेंज के रेंजर अनिल पैन्यूली ने बताया कि वैसे तो कोरोना के कारण पर्यटक आ ही नहीं रहे थे, लेकिन अब शासन की ओर से भी 15 मई तक जंगल सफारी बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। 15 जून तक राजाजी टाइगर रिजर्व के गेट सैलानियों के लिए खुले रहते हैं। अगर कोरोना से स्थितियां तब तक सामान्य हो गईं तो जंगल सफारी शुरू होगी। यदि ऐसे ही हालात बने रहे तो सैलानी अब नवंबर में ही जंगली जानवरों के दीदार कर सकेंगे।