कार्बेट पार्क के कोर जोन (कालागढ़) इलाके के नोनगढ़ मंदिर परिसर में कुछ लोगों ने एक बाबा की समाधि बना ली।
कार्बेट प्रबंधन ने दबाए रखा मामला
पहले तो कार्बेट प्रबंधन ने मामले को दबाए रखा, पर अब मामला सुर्खियों में आने पर मामले की जांच एसडीओ कालागढ़ को सौंपी गई है।
कार्बेट पार्क निदेशक समीर सिन्हा का कहना है कि जो जानकारी आई है, उसके तहत मंदिर परिसर के अंदर ही समाधि बनाई गई है। जांच रिपोर्ट में दोषी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कार्बेट पार्क का कालागढ़ इलाका लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद भी कालागढ़ में कब्जे को खाली नहीं कराया जा सका है।
इसके अलावा, कार्बेट पार्क के इस कोर जोन (जहां वन्य जीवों की संख्या ज्यादा होती है, मानवीय हस्तक्षेप शून्य रखा जाता है तथा चुनिंदा जंगलात के अफसरों को ही यहां जाने की अनुमति होती है) में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।
नियम को ताक पर
कुछ दिन पहले नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित पटेरपानी से बिजली विभाग के अधिकारी के साथ कुछ लोग जीप लेकर ढिकाला तक पहुंच गए थे।
अब कालागढ़ रेंज के अंतर्गत नोनगढ़ मंदिर परिसर में एक बाबा की समाधि बना दी गई है। बाबा पहले इसी मंदिर में रहते थे।
टाइगर रिजर्व के कड़े नियमों के बाद तत्कालीन निदेशक राजीव भरतरी और उप निदेशक विवेक पांडे के समय हुई सख्ती के चलते वह इलाके से बाहर रहने लगे थे। जिनकी बीमारी से मौत होने की बात कही जा रही है।