फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cooperative bank recruitment scam: आठ अफसर 19 दिन में करेंगे 697 सहकारी समितियों की जांच, 30 मई सौपेंगे रिपोर्ट 

Thu, 19 May 2022 03:46 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चार सौ से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच जारी है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सहकारी समितियों में गड़बड़ियों के संबंध में सचिव सहकारिता की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए बकायदा आठ अफसरों को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें निबंधक रजिस्ट्रार, सभी अपर निबंधक व उप निबंधक को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए चालू माह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।

विज्ञापन


खास बात है कि प्रदेश में कुल 697 सहकारी समितियों की जांच आठ अफसरों को मात्र 19 दिन में पूरी करनी है। पिछले दिनों जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चार सौ से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच जारी है। इसी क्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारी समितियों में अन्य गड़बड़ियों से संबंधित शिकायतों की जांच के आदेश दिए थे।

यह शिकायतें ऋण वसूली, समितियों में कामकाज की पारदर्शिता, पैक्स कंप्यूटराइजेशन, नाबार्ड की ओर से मल्टी सर्विस सेंटर योजना के अंतर्गत चयनित 102 सहकारी समितियों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट की स्थिति, ऋण की वसूली से संबंधित थी। सहकारिता सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अब रजिस्ट्रार आलोक कुमार को दून और ऊधमसिंह नगर, अपर निबंधक ईरा उप्रेती को नैनीताल व ऊधमसिंह नगर, आनंद शुक्ल को पौड़ी, उपनिबंधक नीरज बेलवाल को रुद्रप्रयाग और चमोली, एमपी त्रिपाठी को पिथौरागढ़ व चंपावत, रमिद्री मंद्रवाल को देहरादून व टिहरी, मान सैनी को अल्मोड़ा व बागेश्वर, अनिल कुमार को हरिद्वार व उत्तरकाशी की सहकारी समितियों की जांच सौंपी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...सिरफिरे की हरकत:  धर्म परिवर्तन कर शादी के लिए करना चाहता था राजी, तेजाब की बोतल हाथ में पकड़ युवती को डराता रहा
विज्ञापन


सचिव सहकारिता बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह आवंटित जिलों की समितियों की जांच तय समय में पूरा कर रिपोर्ट 30 मई तक शासन को सौंपे। उन्होंने सभी अधिकारियों से मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के भी आदेश दिए हैं। बताते चलें कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 697 सहकारी समितियां काम कर रही हैं। ऐसे में इतनी समितियों की जांच 19 दिन में मात्र आठ अफसर किस प्रकार करेंगे, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें